भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल के नामांकन पर जताई आपत्ति

भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। अनामिका ने गढ़वाल पैलेस पर नगर निगम की 19.18 लाख रुपये की कथित बकाया राशि का हवाला दिया, जबकि आपत्ति पर चुनावी प्रक्रिया के तहत निर्णय होना बाकी है।

भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल के नामांकन पर जताई आपत्ति

अजमेर नगर निगम में महापौर पद के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। अनामिका शर्मा की ओर से आरोप लगाया गया कि किरण गढ़वाल के गढ़वाल पैलेस पर नगर निगम की करीब 19 लाख 18 हजार 628 रुपये की राशि बकाया है और इस संबंध में नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

भाजपा प्रत्याशी की ओर से निगम अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि नामांकन में बकाया राशि से जुड़ी जानकारी छिपाई गई है। आपत्ति के दौरान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, पार्टी कार्यकर्ता और अनामिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता भी मौजूद रहे।

आपत्ति के दौरान दोनों पक्षों में हंगामा

नामांकन जांच के दौरान नगर निगम परिसर में दोनों दलों के समर्थक पहुंच गए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से नारेबाजी भी की गई और माहौल गरमा गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

फिलहाल अनामिका शर्मा की ओर से लगाए गए आरोपों और आपत्ति पर संबंधित चुनावी प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाना है।

अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल आमने-सामने

अजमेर नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया था।

अजमेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। चुनाव परिणामों के मुताबिक कांग्रेस के पास 37, भाजपा के पास 32 और निर्दलीयों के पास 11 पार्षद हैं। बहुमत का आंकड़ा 41 है।

21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव

अजमेर नगर निगम के पार्षद 21 सितंबर 2026 को मतदान के जरिए महापौर का चुनाव करेंगे और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा। कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास बहुमत से कम पार्षद होने के कारण 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण है।

हालांकि, किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का समर्थन मिलेगा, इसे लेकर अंतिम स्थिति मतदान के समय ही स्पष्ट होगी।