Jaipur Janmashtami: गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी, 13 घंटे होंगे दर्शन; 5-6 किमी पैदल चलेंगे श्रद्धालु

जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी हो गई हैं। तड़के 4 बजे मंगला झांकी से दर्शन शुरू होंगे और रात 10:30 बजे तक करीब 13 घंटे श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और अभिषेक होगा

Jaipur Janmashtami: गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी, 13 घंटे होंगे दर्शन; 5-6 किमी पैदल चलेंगे श्रद्धालु

शहर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर जयपुर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे, लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के गोविंददेवजी मंदिर पहुंचने की संभावना है। इस दिन ठाकुरजी के करीब 13 घंटे दर्शन होंगे। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन होंगे। इसके बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और अभिषेक के आयोजन होंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

जन्माष्टमी पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक विशेष व्यवस्था रहेगी।

प्रशासन के अनुसार, भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और दर्शन के बाद बाहर निकलने में करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है।

चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट रहेगा बंद

जन्माष्टमी के दिन जयपुर की चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेट्रो समेत उपलब्ध सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों का इस्तेमाल करें।

प्रशासन ने लोगों से घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की पूरी योजना बनाने और भीड़ को देखते हुए पर्याप्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

सिर्फ तय रास्ते से मिलेगी मंदिर में एंट्री

गोविंददेवजी मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को जलेब चौक की ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। अन्य रास्तों से एंट्री की अनुमति नहीं होगी।

जलेब चौक से श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। इनमें पास वाले श्रद्धालुओं, बिना जूते-चप्पल आने वाले श्रद्धालुओं और जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें रहेंगी।

मंदिर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं

मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। श्रद्धालुओं के लिए पुरानी विधानसभा के पास जूते-चप्पल स्टैंड बनाया गया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संभव हो तो बिना जूते-चप्पल के ही दर्शन के लिए आएं, ताकि मंदिर में प्रवेश और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

मध्यरात्रि में होगा जन्मोत्सव

दिनभर अलग-अलग झांकियों के जरिए ठाकुरजी के दर्शन के बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान तिथि पूजा और अभिषेक समेत विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की है।