नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर अचानक बाढ़ से भारी तबाही, 178 की मौत; 1,500 लोग लापता

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में 178 लोगों की मौत और करीब 1,500 लोगों के लापता होने की खबर है। 21 भारतीयों समेत 116 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर अचानक बाढ़ से भारी तबाही, 178 की मौत; 1,500 लोग लापता

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। हादसे में नेपाल में 175 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। खराब मौसम और कई रास्तों के टूट जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, नेपाल में 826 लोग लापता हैं, जिनमें 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक शामिल हैं। नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे इलाके से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक हैं।

लैंडस्लाइड से आया भूकंप जैसा झटका

बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआती तौर पर इसे भूकंप माना गया, लेकिन बाद में सामने आया कि पहाड़ का बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ नदी में गिर गया था। इस लैंडस्लाइड के कारण भूकंप जैसा तेज झटका महसूस हुआ और नदी में भारी मात्रा में मलबा आने से अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई।

भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी

तबाही के बाद फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन सक्रिय की गई हैं। उत्तर प्रदेश ने 1070 हेल्पलाइन शुरू की है। लापता भारतीयों में बड़ी संख्या कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF की 20 टीमें भी तैनात की गई हैं।

बाढ़ के चलते नेपाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में भी खतरे की आशंका बढ़ गई है। दोनों राज्यों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।