“अमेरिका में ‘नो किंग्स’ का शोर: ट्रम्प के खिलाफ सड़कों पर उमड़ा जनता का सैलाब”
यह विरोध प्रदर्शन न सिर्फ अमेरिका के सभी राज्यों तक फैला, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई दी, जिससे ट्रम्प के नेतृत्व और नीतियों पर व्यापक बहस तेज हो गई है।
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ जनाक्रोश एक बार फिर सड़कों पर देखने को मिला। शनिवार को आयोजित ‘नो किंग्स’ रैलियों में देशभर के लाखों लोगों ने हिस्सा लेकर अपनी असहमति दर्ज कराई। यह विरोध प्रदर्शन न सिर्फ अमेरिका के सभी राज्यों तक फैला, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई दी, जिससे ट्रम्प के नेतृत्व और नीतियों पर व्यापक बहस तेज हो गई है।
पिछली बार से ज्यादा बढ़ी भागीदारी
पिछली बार के मुकाबले इस बार प्रदर्शन में लोगो की ज्यादा भागीदारी रही। इस बार 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा 600 से ज्यादा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
किन मुद्दों को लेकर नाराजगी?
प्रदर्शन कर रहे लोग ट्रंप सरकार की कई नीतियों के खिलाफ और संतुष्ट जिस कारण से वह प्रदर्शन कर रहे हैं।
• एक कारण ईरान के साथ बढ़ता तनाव भी है।
• इमीग्रेशन की कड़ी नीतियां
• महंगाई में हुई बढ़ोतरी
इन मुद्दों को लेकर लोगों ने सड़कों पर अधिकार विरोध जताया है। कई जगह पर प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्ट और तख्तियां लिए खड़े हैं जिसमें वह ड्रम सरकार को हटाने की मांग कर रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं बड़े प्रदर्शन
‘No Kings’ अभियान के तहत इससे पहले कई बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं।
• जून 2025 में पहला प्रदर्शन आयोजित किया गया
• दूसरा प्रदर्शन अक्टूबर 2022 में आयोजित किया गया
• तीसरा प्रदर्शन 28 मार्च 2026 को आयोजित किया गया
दुनिया के अन्य शहरों में भी विरोध
अमेरिका के अलावा दुनिया के कई हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। Paris, London और Lisbon जैसे शहरों में भी लोग सड़कों पर उतरकर ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उनमें काफी नाराजगी देखने को मिल रही है और ट्रंप की इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
Saloni Kushwaha 
