राम रहीम को फिर 21 दिन की फरलो, 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहर; सिरसा डेरा पहुंचा

गुरमीत राम रहीम सिंह को 21 दिन की फरलो मिली है। सुनारिया जेल से बाहर आने के बाद वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय पहुंचा। जानें पूरी खबर।

राम रहीम को फिर 21 दिन की फरलो, 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहर; सिरसा डेरा पहुंचा
Ram Rahim

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की फरलो मिली है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकला। जेल से निकलने के बाद वह सीधे हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ।

2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह करीब 9 साल में 17वीं बार है, जब राम रहीम पैरोल या फरलो के जरिए जेल से बाहर आया है।

इस बार सिरसा आश्रम में रहेगा

इस बार प्रशासन ने राम रहीम को उसकी फरलो अवधि के दौरान सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहने की अनुमति दी है। यह लगातार तीसरी बार है जब उसे सिरसा आश्रम जाने की मंजूरी मिली है।

इससे पहले कई मौकों पर उसे उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहने की अनुमति दी गई थी।

2026 में तीसरी बार मिली राहत

राम रहीम को इस साल अब तक तीसरी बार जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। इससे पहले:

जनवरी 2026: 40 दिन की पैरोल

मई 2026: 30 दिन की पैरोल

अगस्त 2026: 21 दिन की फरलो

इस तरह 2026 में भी उसकी पैरोल/फरलो को लेकर मामला लगातार चर्चा में रहा है।

दुष्कर्म मामले में काट रहा 20 साल की सजा

गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

2017 में सजा सुनाए जाने के बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है।

400 से ज्यादा दिन जेल से बाहर रहने का दावा

आधिकारिक आंकड़ों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सजा के दौरान राम रहीम पैरोल और फरलो के जरिए 400 से ज्यादा दिन जेल से बाहर रह चुका है।

उसकी बार-बार पैरोल और फरलो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी समय-समय पर बहस होती रही है। हालांकि, हर बार जेल से बाहर आने की अनुमति संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत दी जाती है।

राम रहीम फरलो: एक नजर में

नाम: गुरमीत राम रहीम सिंह

फरलो: 21 दिन

जेल: सुनारिया जेल, रोहतक

ठहरने की जगह: सिरसा डेरा मुख्यालय

2017 के बाद बाहर आने की संख्या: 17वीं बार

2026 में: तीसरी बार

मुख्य सजा: 20 साल की जेल + उम्रकैद