Sikar News: सीकर में BJP से नाराज राजपूत समाज, मांगें नहीं मानीं तो निकाय-पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
सीकर में समिति नियुक्तियों को लेकर राजपूत समाज नाराज है। समाज ने BJP पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए मांगें नहीं मानने पर निकाय और पंचायत चुनावों में बहिष्कार की चेतावनी दी है।
Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति में हाल ही में की गई नियुक्तियों को लेकर राजपूत समाज ने नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते विचार नहीं किया गया तो आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में भाजपा का बहिष्कार किया जाएगा।
मंगलवार को सीकर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने भाजपा संगठन पर समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। समाज के नेताओं ने कहा कि लंबे समय से भाजपा का समर्थन करने के बावजूद राजनीतिक और संगठनात्मक नियुक्तियों में उनके प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया जा रहा है।
10 सदस्यीय समिति में राजपूत समाज को प्रतिनिधित्व नहीं
राजपूत सभा सीकर के जिलाध्यक्ष रामसिंह पिपराली ने समिति में समाज का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति में कुल 10 सदस्य नियुक्त किए गए हैं, लेकिन इनमें राजपूत समाज से किसी व्यक्ति को जगह नहीं मिली।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि सीकर में राजपूत समाज लंबे समय से भाजपा के साथ खड़ा रहा है। ऐसे में महत्वपूर्ण समिति में प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से समाज के लोगों में असंतोष पैदा हुआ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष पर नाम हटाने का आरोप
रामसिंह पिपराली ने भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार समिति के लिए योग्य राजपूत कार्यकर्ताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
समाज के नेताओं ने इस मामले में भाजपा संगठन से स्थिति स्पष्ट करने और नियुक्तियों की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी के लिए लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को राजनीतिक जिम्मेदारियों में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
जिला संगठन में भी प्रतिनिधित्व को लेकर नाराजगी
राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने केवल समिति की नियुक्तियों पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि भाजपा की जिला कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
समाज के नेताओं के मुताबिक पहले भाजपा की जिला कार्यकारिणी में महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर राजपूत समाज की भागीदारी रहती थी। इस बार इस स्तर पर भी समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराजगी और बढ़ गई है।
चुनाव से पहले BJP की बढ़ सकती है मुश्किल
राजपूत समाज की ओर से चुनाव बहिष्कार की चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और विवादित नियुक्तियों में सुधार नहीं किया गया तो चुनाव के दौरान भाजपा का समर्थन नहीं किया जाएगा।
हालांकि, अंतिम तौर पर चुनावी रणनीति क्या होगी, यह आने वाले दिनों में समाज की बैठकों और भाजपा संगठन के साथ होने वाली बातचीत के बाद स्पष्ट होगा।
भाजपा के रुख पर नजर
राजपूत समाज की नाराजगी के बाद अब सबकी नजर भाजपा के जिला और प्रदेश नेतृत्व के रुख पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच बातचीत से विवाद का समाधान नहीं निकलता है, तो आगामी चुनावों से पहले सीकर की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने और जरूरत पड़ने पर चुनावी स्तर पर भाजपा के खिलाफ जाने का संकेत दिया है।

