विवादों के बीच CEC ज्ञानेश कुमार समेत तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक, SIR-Form 6 पर लिए ये फैसले
CEC ज्ञानेश कुमार समेत तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक में SIR, Form 6, ECINET और अधिकारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
चुनाव आयोग की 26 सितंबर की बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हुए। बैठक में SIR, Form 6, ECINET, अधिकारियों की APAR और विदेश यात्राओं समेत कई मुद्दों पर फैसले लिए गए।
ECI की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्त रहे मौजूद
चुनाव आयोग से जुड़े SIR और Form 6 के मुद्दे पर चल रही चर्चा के बीच शनिवार, 26 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हुए।
बैठक में कई प्रशासनिक और चुनावी मुद्दों पर फैसले लिए गए। आयोग की ओर से कहा गया कि ये फैसले आम सहमति से लिए गए हैं।
SIR में नोटिस पाने वालों के घर BLO जाएंगे
बैठक में तय किया गया कि SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले लोगों के घर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) दस्तावेज लेने के लिए जाएंगे। आयोग के अनुसार, ऐसे मामलों में आम तौर पर व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत नहीं होगी।
इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को जरूरत के मुताबिक रैन बसेरों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Form 6 और SIR Declaration पर आयोग ने क्या कहा?
Form 6 को लेकर चल रही चर्चा के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि SIR के दौरान Form 6 के साथ Declaration की व्यवस्था जारी है। ECI के मौजूदा वोटर सर्विस पोर्टल पर भी Form 6 के साथ Declaration Form का विकल्प उपलब्ध है।
सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के फैसले में भी SIR प्रक्रिया के संदर्भ में नए मतदाताओं के लिए Form 6 के साथ Declaration Form की व्यवस्था का उल्लेख है।
आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि Form 6 को लेकर उठाए जा रहे सवालों को SIR की पूरी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
SIR पूरा होने के बाद नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर
आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
ECI के मुताबिक, जिन लोगों का नाम SIR के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया है, वे निरंतर अपडेटेशन की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग भी शामिल हैं।
आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को ऐसे छूटे हुए और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
ECINET की समीक्षा के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
बैठक में ECINET की समीक्षा का फैसला भी लिया गया। इसके लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) और स्वतंत्र IIT/IIM विशेषज्ञों की समिति समीक्षा करेगी।
ECINET चुनाव आयोग का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए मतदाता पंजीकरण, आवेदन की स्थिति, वोटर लिस्ट और अन्य चुनावी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की तारीख तय
बैठक में दावे और आपत्तियों से जुड़ी समयसीमा पर भी फैसला हुआ। दिल्ली में इसकी अंतिम तारीख 30 अक्टूबर और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग की बैठकों को लेकर भी फैसला
आयोग ने अपनी बैठकों की प्रक्रिया में भी बदलाव से जुड़े फैसले किए हैं। अब बैठकों का एजेंडा पहले भेजे जाने और बैठक की कार्यवाही जारी करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा अधिकारियों की APAR रिपोर्ट हर साल निर्धारित समय यानी 31 दिसंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए ECI की मंजूरी जरूरी
बैठक में अधिकारियों की विदेश यात्राओं को लेकर भी फैसला लिया गया। अब संबंधित अधिकारियों को विदेश यात्रा के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी।
आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कैबिनेट सचिव को भेजी चिट्ठी पर ECI ने दी सफाई
बैठक के बाद आयोग ने कैबिनेट सचिव को भेजी गई चिट्ठी को लेकर भी अपना पक्ष रखा। आयोग के अनुसार, यह पत्र IT नीति से जुड़ा हुआ नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्त अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
ECI ने यह भी कहा कि देशव्यापी SIR से जुड़े आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
आयोग के मुताबिक गोवा में BLO घर-घर जाकर उन मतदाताओं की मदद कर रहे हैं, जिनका नाम छूट गया है, ताकि वे Form 6 के जरिए आवेदन कर सकें।
Form 6 को लेकर विवाद के बीच ECI की सफाई
Form 6 पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ECI के मौजूदा पोर्टल पर भी नए मतदाता के पंजीकरण के लिए Form 6 उपलब्ध है।
SIR के दौरान इसके साथ अतिरिक्त Declaration की व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस हुई है। ऐसे में चुनाव आयोग की बैठक के बाद जारी फैसलों में इस प्रक्रिया को लेकर आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

