रेस्टोरेंट में दोस्ती कर मालिक से लिया बैंक अकाउंट, साइबर ठगी की रकम मंगाकर ऐसे फंसाया

दोस्ती कर रेस्टोरेंट मालिक से बैंक अकाउंट नंबर लिया और कथित साइबर ठगी की रकम मंगाई। अकाउंट होल्ड होने पर मामले का खुलासा हुआ।

रेस्टोरेंट में दोस्ती कर मालिक से लिया बैंक अकाउंट, साइबर ठगी की रकम मंगाकर ऐसे फंसाया
Cyber fraud

जयपुर में रेस्टोरेंट मालिक को दोस्ती के जरिए विश्वास में लेकर उसके बैंक अकाउंट का कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। अकाउंट होल्ड होने के बाद पीड़ित को पूरे मामले की जानकारी हुई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

रेस्टोरेंट में आता था आरोपी, धीरे-धीरे हुई दोस्ती

मामला जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सूर्य नगर निवासी सत्येंद्र कुमार मीना त्रिवेणी चौराहे के पास श्री उम्मेद जायका नाम से रेस्टोरेंट चलाते हैं।

शिकायत के मुताबिक, पिछले 3-4 महीने से आदिल खान नाम का व्यक्ति उनके रेस्टोरेंट में खाना खाने और चाय पीने आता था। लगातार आने-जाने के कारण दोनों के बीच जान-पहचान हुई और बाद में दोस्ती हो गई।

बैंक अकाउंट होल्ड होने की बात कहकर मांगा अकाउंट नंबर

आरोप है कि दोस्ती का फायदा उठाकर आदिल खान ने सत्येंद्र से कहा कि उसका बैंक अकाउंट होल्ड हो गया है और वह पैसों को लेकर परेशान है। इसी दौरान उसने किसी अन्य व्यक्ति से पैसे मंगवाने की बात कहते हुए रेस्टोरेंट मालिक से उसका बैंक अकाउंट नंबर मांग लिया।

विश्वास में आकर सत्येंद्र ने अपना बैंक अकाउंट नंबर उसे दे दिया।

अलग-अलग जगहों से अकाउंट में आने लगी रकम।

शिकायत के अनुसार, बैंक अकाउंट की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अलग-अलग लोगों से उस खाते में रकम मंगवानी शुरू कर दी।

आरोप है कि खाते में आने वाली रकम को बाद में रेस्टोरेंट मालिक के मोबाइल से नेट बैंकिंग और UPI के जरिए करीब 11-12 अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया गया।

पीड़ित का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके खाते में आने वाली रकम साइबर ठगी से जुड़ी हुई है।

बैंक अकाउंट होल्ड हुआ तो खुला पूरा मामला

कुछ समय बाद सत्येंद्र का बैंक अकाउंट होल्ड हो गया। बैंकिंग लेन-देन रुकने के बाद जब उन्होंने इसकी जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि उनके खाते में साइबर ठगी से जुड़ी रकम आई थी।

इसके बाद उन्होंने आदिल खान से संपर्क कर मामले के बारे में पूछा। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उन्हें सब कुछ ठीक कर देने का भरोसा दिया।

धोखे का एहसास होने पर पुलिस में शिकायत

जब रेस्टोरेंट मालिक को कथित तौर पर पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे विश्वास में लेकर उसके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

महेश नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी और बैंक खातों के बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खाते में रकम भेजने वाले और आगे रकम ट्रांसफर करने वाले लोगों की भूमिका क्या थी।

साइबर ठगी में बैंक अकाउंट के इस्तेमाल की जांच

पुलिस जांच में बैंक ट्रांजेक्शन, UPI और नेट बैंकिंग से जुड़े रिकॉर्ड अहम होंगे। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित तौर पर ठगी की रकम किन खातों से आई और किन खातों में ट्रांसफर की गई।

मामले में आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही होगी।