पश्चिम बंगाल में मछुआरों ने बचाई हाथी के बच्चे की जान, मां से मिलते ही भावुक हुआ पल
जलपाईगुड़ी में तीस्ता नदी के तेज बहाव में फंसे हाथी के बच्चे को पांच मछुआरों ने करीब 4 किलोमीटर पीछा कर बचाया। वन विभाग की मदद से उसे मां से मिलाया गया।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले से इंसान और वन्यजीव के बीच संवेदनशील रिश्ते को दिखाने वाला वीडियो सामने आया है। तेज बहाव में फंसे हाथी के एक बच्चे को पांच मछुआरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचा लिया। सुरक्षित बाहर आने के बाद बच्चा एक मछुआरे से लिपट गया। बाद में जब उसे उसकी मां के पास पहुंचाया गया तो हथिनी ने बच्चे को स्नेह से दुलारा।
बताया गया कि गजोल्डोबा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद हाथियों का एक झुंड तीस्ता नदी पार कर रहा था। इसी दौरान नदी की तेज धारा में हाथी का बच्चा झुंड से अलग हो गया और बहाव में फंस गया।
नाव से करीब 4 किलोमीटर तक किया पीछा
उस समय तीस्ता नदी में पांच मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। उनकी नजर पानी में संघर्ष कर रहे हाथी के बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तुरंत उसे बचाने का फैसला किया और दो नावों से बच्चे का पीछा शुरू किया।
मछुआरे करीब 4 किलोमीटर तक बच्चे के साथ आगे बढ़ते रहे। आखिरकार तीन मछुआरे नदी में उतरे और बच्चे को सुरक्षित तरीके से नाव तक लेकर आए। नाव में पहुंचने के बाद बच्चा कुछ देर तक एक मछुआरे से लिपटा रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

वन विभाग ने संभाली जिम्मेदारी
बचाए गए हाथी के बच्चे को मछुआरों ने वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। विभाग की टीम ने उसका प्राथमिक उपचार किया और उसकी मां को खोजने के लिए तलाश शुरू कर दी।
करीब दो घंटे की कोशिश के बाद वन विभाग, स्थानीय लोगों और मछुआरों की मदद से बच्चे को उसकी मां तक पहुंचाया गया। जैसे ही हथिनी ने अपने बच्चे को देखा, वह उसके करीब पहुंची और उसे स्नेह से थपकी देने लगी।
मां से मिलकर शांत हुआ हाथी का बच्चा
मां और बच्चे के मिलन का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक कर देने वाला था। कुछ देर तक हथिनी अपने बच्चे के आसपास रही और उसे दुलारती रही। इसके बाद हाथी का बच्चा अपनी मां के साथ झुंड की ओर लौट गया।
मछुआरों की तत्परता से एक वन्यजीव की जान बचाने के साथ-साथ मां और बच्चे का मिलन भी संभव हो सका।

