दिव्यांग माता-पिता के 7 साल के इकलौते बेटे की कुएं में मिली लाश, घर में पसरा मातम
झालावाड़ के तीतरवासा गांव में दिव्यांग माता-पिता के 7 वर्षीय इकलौते बेटे लोकेश का शव कुएं से मिला। बच्चा मंगलवार शाम से लापता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के तीतरवासा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां दिव्यांग माता-पिता के 7 वर्षीय इकलौते बेटे लोकेश का शव गांव के एक कुएं से बरामद हुआ। मंगलवार शाम स्कूल से लौटने के बाद बच्चा अचानक लापता हो गया था। देर रात तक तलाश के बाद बुधवार सुबह कुएं से उसका शव मिला।
खेत से लौटते समय लापता हुआ था मासूम
तीतरवासा निवासी भूपेंद्र कुमार कंजर का बेटा लोकेश झालरापाटन के एक निजी स्कूल में पढ़ता था। मंगलवार को स्कूल से लौटने के बाद वह अपनी मां सुमित्रा के साथ खेत गया था। मां खेत में सोयाबीन की कटाई में व्यस्त थीं।
शाम को जब दोनों घर लौटने लगे तो सुमित्रा ने लोकेश को आवाज लगाई, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने घर पहुंचकर पति भूपेंद्र को बच्चे के लापता होने की जानकारी दी।
कुएं के पास मिले बच्चे के कपड़े
लोकेश के लापता होने की सूचना मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव में भंवरलाल के कुएं के पास बच्चे के कपड़े मिले। इससे कुएं में बच्चे के गिरने की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और ग्रामीणों ने मंगलवार रात कुएं में तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह दोबारा तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ देर बाद कुएं के गहरे पानी से लोकेश का शव बरामद कर लिया गया।
पोस्टमॉर्टम के बाद जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चा कुएं में किन परिस्थितियों में गिरा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दिव्यांग माता-पिता का इकलौता बेटा था लोकेश
ग्रामीणों के अनुसार लोकेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां देख नहीं सकतीं, जबकि पिता बोल नहीं सकते। परिवार की आजीविका खेती और मजदूरी से चलती है।
लोकेश के माता-पिता को उम्मीद थी कि उनका बेटा बड़ा होकर पढ़ाई करेगा और भविष्य में परिवार का सहारा बनेगा। लेकिन सात साल की उम्र में उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे की मौत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

