नकली घी की पैकिंग का खेल, सरस समेत 4 ब्रांड के नाम पर 61 हजार से ज्यादा कार्टन बरामद; 3 गिरफ्तार
जयपुर में नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। झोटवाड़ा के गोदाम से 61,600 खाली कार्टन, पैकिंग सामग्री और मशीनें बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जयपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस ने नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने मंगलवार को फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नकली पैकिंग सामग्री बरामद की।
पुलिस के मुताबिक, गोदाम से सरस, लोट्स, महान और कृष्णा घी के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले 61,600 खाली मोनो कार्टन, पाउच पैक और बारकोड स्कैनर मिले हैं। इसके अलावा पैकिंग और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें तथा सामग्री की सप्लाई के लिए उपयोग किया जा रहा वाहन भी जब्त किया गया है।
मामले में पुलिस ने कथित मुख्य सरगना अनिल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एक महीने तक रखी गई निगरानी
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, झोटवाड़ा थाना पुलिस और सीएसटी टीम आरोपी की गतिविधियों पर करीब एक महीने से नजर रख रही थी। तकनीकी सहायता और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने गोदाम की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई।
इसके बाद मंगलवार को टीम ने गोदाम पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में अलग-अलग ब्रांड की पैकिंग सामग्री बरामद हुई।
सरस डेयरी के अधिकारियों ने की जांच
गोदाम से बरामद सामग्री की वास्तविकता जांचने के लिए पुलिस ने सरस डेयरी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने वहां मिले रैपर, मोनो कार्टन और हॉलमार्क की जांच की।
पुलिस के अनुसार, जांच में पैकिंग सामग्री और हॉलमार्क नकली पाए गए। इसके बाद सरस डेयरी के राजाराम कार्यालय की ओर से पुलिस को रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट के आधार पर झोटवाड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया।
मामले में कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। जांच की जिम्मेदारी एसीपी झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज को दी गई है।
ऐसे तैयार होती थी नकली पैकिंग
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अनिल अग्रवाल टोंक निवासी अमन जैन से रैपर और खाली मोनो कार्टन लेकर आता था। इसके बाद झोटवाड़ा स्थित गोदाम में प्रिंटिंग मशीनों की मदद से इन पर अलग-अलग ब्रांड के नाम, तारीख और हॉलमार्क कथित तौर पर फर्जी तरीके से अंकित किए जाते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार की गई नकली पैकिंग का इस्तेमाल कहां और किस स्तर पर किया जाना था। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अनिल अग्रवाल, मोहनलाल शर्मा और याकूब को गिरफ्तार किया है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है और नकली पैकिंग से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

