25 साल में बदला मानसून का मिजाज, पिछले साल जुलाई में भर गया था बीसलपुर; इस बार सितंबर में भी 74% के करीब

जयपुर में 25 साल के मानसून आंकड़ों में बारिश का बड़ा उतार-चढ़ाव सामने आया है। जानें 2026 में बीसलपुर बांध का जलस्तर कितना है और पिछले साल से कितना अलग है।

25 साल में बदला मानसून का मिजाज, पिछले साल जुलाई में भर गया था बीसलपुर; इस बार सितंबर में भी 74% के करीब
बीसलपुर बांध का विहंगम दृश्य

मानसून अब अपने अंतिम दौर में है और जयपुर में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। राजधानी के मौसम और बारिश के पिछले करीब 25 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून का पैटर्न काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। इसका असर भूजल के साथ बीसलपुर बांध के जलस्तर पर भी दिखाई देता है, जो जयपुर की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत है।

25 साल में बारिश का आंकड़ा कितना बदला?

केंद्रीय भूजल बोर्ड के जयपुर शहर और आसपास के क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार 1999 से 2023 के बीच जयपुर में औसत सालाना बारिश करीब 599.68 मिमी रही।

इस अवधि में 2019 सबसे ज्यादा बारिश वाला साल रहा, जब करीब 956 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके उलट 2002 में केवल करीब 237 मिमी बारिश हुई। यानी दोनों वर्षों के बीच बारिश के आंकड़े में बड़ा अंतर रहा।

बीच के वर्षों में भी बारिश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 2010 में करीब 750 मिमी, 2011 में 646 मिमी, 2012 में 907 मिमी, 2013 में 757 मिमी और 2018 में 827.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं 2015 और 2016 में यह आंकड़ा क्रमशः करीब 512 और 531.3 मिमी रहा।

2025 में राजस्थान में हुई थी रिकॉर्ड बारिश

पिछला मानसून राजस्थान के लिए काफी अधिक बारिश वाला रहा था। उपलब्ध IMD आंकड़ों के मुताबिक जून से सितंबर 2025 के दौरान राज्य में करीब 715.9 मिमी बारिश हुई थी, जो 1971-2020 के दीर्घकालीन औसत 435.6 मिमी से करीब 64 प्रतिशत अधिक थी।

2025 में मानसून सामान्य समय से पहले राजस्थान पहुंचा था। इसके मुकाबले 2026 में बारिश का वितरण कमजोर रहा और सितंबर की शुरुआत तक राज्य में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

बीसलपुर बांध की स्थिति में दिखा अंतर

बारिश के इस अंतर का असर बीसलपुर बांध पर भी दिखाई देता है। 18 सितंबर को बांध का जलस्तर करीब 314.05 आरएल मीटर बताया गया था और यह अपनी कुल भराव क्षमता का लगभग 73.98 प्रतिशत भरा था।

पिछले साल स्थिति अलग थी। 2025 में बीसलपुर बांध मानसून के दौरान जुलाई में ही भर गया था और पानी की आवक बढ़ने पर बांध के गेट भी खोले गए थे।

इस साल मानसून की कमजोर गतिविधि के कारण सितंबर तक बांध अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच सका।

जयपुर के लिए क्यों अहम है बीसलपुर?

बीसलपुर बांध जयपुर की पेयजल व्यवस्था के प्रमुख स्रोतों में शामिल है। राजस्थान पर्यटन विभाग भी इसे जयपुर की जलापूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बांध के रूप में बताता है। इससे जयपुर के अलावा अजमेर और टोंक समेत अन्य क्षेत्रों को भी पानी की आपूर्ति होती है।

अच्छी बारिश का फायदा सिर्फ बांध के जलस्तर तक सीमित नहीं रहता। बारिश से भूजल रिचार्ज होता है और अगले गर्मी के मौसम के लिए जल उपलब्धता बेहतर रहती है। इसके विपरीत कमजोर मानसून का असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

जयपुर में अभी कैसा है मौसम?

23 सितंबर को जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और उस दिन बारिश नहीं हुई। IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि 27 सितंबर के आसपास बारिश या गरज-चमक की संभावना बताई गई है।

बीसलपुर क्षेत्र के लिए भी मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।

यानी मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश अब बीसलपुर के जलस्तर और जयपुर की जल उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।