उदयपुर के नन्हे विराज का बड़ा कारनामा! 17 किलो वजन वाले 6 साल के बच्चे ने उठाया 47 किलो भार

उदयपुर के 5 साल 11 महीने के विराज शर्मा ने 47 किलो वजन उठाकर Influencers Book of World Record में नाम दर्ज कराया। जानिए नन्हे वेटलिफ्टर की पूरी कहानी।

उदयपुर के नन्हे विराज का बड़ा कारनामा! 17 किलो वजन वाले 6 साल के बच्चे ने उठाया 47 किलो भार

उम्र महज 5 साल 11 महीने, खुद का वजन करीब साढ़े 17 किलो और उपलब्धि ऐसी कि हर कोई हैरान रह जाए। उदयपुर के नन्हे विराज शर्मा ने 47 किलो वजन उठाकर अपना नाम इन्फ्लुएंसर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। वेटलिफ्टिंग में कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले विराज की कहानी इन दिनों चर्चा में है।

विराज ने 5 सितंबर 2026 को उदयपुर के लवकुश स्टेडियम स्थित वेटलिफ्टिंग सेंटर में 47 किलो वजन उठाया। उनके पिता वैभव शर्मा के मुताबिक, विराज अब तक वेटलिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सात रिकॉर्ड और सम्मान हासिल कर चुका है। उसका नाम नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इन्फ्लुएंसर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने का दावा किया गया है।

35 किलो से शुरू हुआ सफर, फिर 42 और अब 47 किलो

विराज की रिकॉर्ड बनाने की शुरुआत 35 किलो वजन उठाने से हुई। इसके बाद उसने 38 और 42 किलो वजन उठाने की उपलब्धियां हासिल कीं और अब 47 किलो वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया। पिता के अनुसार, 25 अगस्त को विराज ने 35 किलो वजन 14 सेकेंड में तीन बार उठाया था। इसके कुछ दिन बाद 38 किलो वजन उठाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी जगह बनाई।

फिलहाल विराज लवकुश इंडोर स्टेडियम की व्यायामशाला में जूनियर ट्रेनर ओमप्रकाश पटेल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहा है। उसके पिता का कहना है कि विराज को वेटलिफ्टिंग में आगे बढ़ने का जुनून है।

बेसबॉल खेलने पहुंचा था, वेटलिफ्टिंग में जगा शौक

विराज के पिता वैभव शर्मा बताते हैं कि करीब छह महीने पहले वे बेटे को बेसबॉल खिलाने ले गए थे। वहां पास में वेटलिफ्टिंग सेंटर था। विराज ने वेटलिफ्टिंग करने की इच्छा जताई। पिता ने शुरुआत में उसकी कम उम्र को देखते हुए इंतजार करने की बात कही, लेकिन बेटे का मन इसी खेल में लगा रहा।

वैभव शर्मा खुद भी वेटलिफ्टिंग से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, वे 12 बार राजस्थान चैंपियन, एक बार राष्ट्रीय चैंपियन और दो बार अंतरराष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं। विराज अपने पिता के पदकों और खेल उपलब्धियों से भी प्रेरित है। पिता बताते हैं कि बेटे को अभी घड़ी देखना भले ही ठीक से नहीं आता, लेकिन उसे इतना जरूर पता है कि घड़ी का छोटा कांटा पांच पर पहुंचने का मतलब जिम जाने का समय हो गया है।

राज्यपाल कर चुके हैं सराहना, CM ने जयपुर बुलाया

सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एचकेजी के छात्र विराज की प्रतिभा की पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी सराहना कर चुके हैं। पिता के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी विराज को जयपुर आमंत्रित किया है। नई दिल्ली में होने वाले खेलो इंडिया आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उसके वेटलिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग प्रदर्शन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताया गया है।

विराज की उपलब्धि ने उदयपुर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, इतनी कम उम्र में भारी वजन उठाने वाले बच्चों के लिए प्रशिक्षण, तकनीक और विशेषज्ञों की निगरानी बेहद अहम होती है। बच्चों की उम्र के अनुसार सुरक्षित अभ्यास और शारीरिक विकास को प्राथमिकता देना जरूरी है।