गांधी जयंती पर अलवर नगर निगम में ‘प्रोटोकॉल’ का पेंच! मंत्री संजय शर्मा लौटे तो मेयर के पति कार के पीछे दौड़े

गांधी जयंती पर मंत्री संजय शर्मा ने अलवर नगर निगम में अकेले गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मेयर-आयुक्त की गैरमौजूदगी के बाद प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा शुरू हुई।

गांधी जयंती पर अलवर नगर निगम में ‘प्रोटोकॉल’ का पेंच! मंत्री संजय शर्मा लौटे तो मेयर के पति कार के पीछे दौड़े

गांधी जयंती के मौके पर अलवर नगर निगम में ऐसा सियासी सीन देखने को मिला, जिसने नए-नए बने नगर निगम बोर्ड की अंदरूनी तस्वीर पर चर्चा छेड़ दी है। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा शुक्रवार सुबह नगर निगम पहुंचे, लेकिन स्वागत के दौरान मेयर सुमनलता अग्रवाल और निगम आयुक्त लक्ष्मीकांत कटारा मौके पर नजर नहीं आए। इसके बाद मंत्री ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर अकेले ही माल्यार्पण किया और वहां से रवाना हो गए।

मंत्री के जाने का अंदाज देखकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। दावा किया गया कि प्रोटोकॉल के मुताबिक मेयर और निगम आयुक्त की मौजूदगी नहीं होने से मंत्री नाराज हुए। हालांकि, संजय शर्मा ने किसी तरह की नाराजगी से इनकार किया है। यानी तस्वीर कुछ और कहती नजर आई, लेकिन मंत्री की ओर से नाराजगी की बात को खारिज कर दिया गया।

मंत्री निकले तो मेयर के पति ने लगाई दौड़

सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई, जब संजय शर्मा अपनी कार से निगम परिसर से निकलने लगे। मेयर सुमनलता अग्रवाल के पति और पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल ने मंत्री को रोकने की कोशिश की। बताया गया कि उन्होंने मंत्री के निजी सचिव जले सिंह को आवाज देकर रुकने के लिए कहा।

मंत्री की गाड़ी आगे बढ़ती रही। अजय अग्रवाल भी कुछ दूर तक कार के पीछे दौड़े, लेकिन गाड़ी नहीं रुकी और मंत्री वहां से निकल गए। मौके का यह घटनाक्रम अब अलवर की स्थानीय सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

हालांकि, अजय अग्रवाल ने भी इसे सीधे तौर पर नाराजगी से जोड़ने से इनकार किया। उनका कहना है कि संभव है मंत्री का आगे कोई कार्यक्रम रहा हो और इसी वजह से वे वहां से रवाना हो गए हों।

अंदर कार्यक्रम चलता रहा, बाहर बन गया ‘प्रोटोकॉल’ का मुद्दा

दरअसल, गांधी जयंती पर नगर निगम परिसर में सफाई कर्मचारियों के सम्मान का कार्यक्रम चल रहा था। इसी कार्यक्रम में मेयर और निगम आयुक्त मौजूद थे। इसी दौरान मंत्री संजय शर्मा नगर निगम पहुंचे।

मंत्री के निगम पहुंचने पर गेट पर मेयर या आयुक्त की मौजूदगी नहीं होने से प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे। मंत्री ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और इसके बाद बिना मेयर व आयुक्त से मुलाकात किए वहां से निकल गए।

यहीं से पूरा मामला ‘कौन मौजूद था और कौन नहीं था’ की चर्चा में बदल गया।

सफाई कर्मचारियों की जॉइनिंग का मुद्दा भी चर्चा में

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने के बावजूद उनकी जॉइनिंग का मुद्दा अभी लंबित है। मंत्री की नाराजगी का एक संभावित कारण इसे भी बताया जा रहा है, हालांकि इस संबंध में भी मंत्री की ओर से ऐसी नाराजगी की पुष्टि नहीं की गई है।

यानी गांधी जयंती के कार्यक्रम में जहां सफाई कर्मचारियों के सम्मान का आयोजन चल रहा था, वहीं निगम के प्रशासनिक कामकाज और नियुक्तियों से जुड़े सवाल भी राजनीतिक चर्चा में आ गए।

नई मेयर के कार्यकाल की शुरुआत में ही चर्चा

अलवर नगर निगम में सुमनलता अग्रवाल के मेयर बनने के कुछ ही दिनों बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। सुमनलता अग्रवाल ने हाल ही में मेयर पद संभाला है। उनके पति अजय अग्रवाल पहले अलवर नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं।

मेयर चुनाव के दौरान भी अलवर नगर निगम की राजनीति में भाजपा के भीतर बड़े नेताओं की भूमिका को लेकर चर्चा रही थी। ऐसे में गांधी जयंती के दिन मंत्री के पहुंचने, मेयर और आयुक्त के मौके पर नहीं दिखने और फिर मंत्री के रवाना होने का घटनाक्रम स्वाभाविक तौर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

अब सवाल सिर्फ प्रोटोकॉल का है या कुछ और?

फिलहाल मंत्री संजय शर्मा ने नाराजगी की बात से इनकार किया है और अजय अग्रवाल ने भी मंत्री के जल्दी जाने की दूसरी वजह संभव बताई है। ऐसे में ‘नाराजगी’ को तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि मौके पर उठी चर्चाओं और दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

लेकिन अलवर की सियासत में तस्वीर जरूर दिलचस्प है—एक तरफ निगम में गांधी जयंती का कार्यक्रम, दूसरी तरफ मंत्री का अकेले माल्यार्पण और फिर उन्हें रोकने के लिए कार के पीछे दौड़ते मेयर के पति।

सवाल यही है कि यह महज प्रोटोकॉल का मामला था या नए नगर निगम बोर्ड में तालमेल की पहली परीक्षा? फिलहाल जवाब साफ नहीं है, लेकिन गांधी जयंती के इस छोटे से घटनाक्रम ने अलवर की स्थानीय राजनीति में चर्चा जरूर बड़ी कर दी है।