हर समय थकान और कमजोरी रहती है? डाइट में शामिल करें ये 5 मैग्नीशियम रिच फूड्स
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है? जानिए पालक, केला, नट्स, दाल और डार्क चॉकलेट जैसे मैग्नीशियम युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करने के फायदे।
शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। डाइट में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शामिल करके मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाया जा सकता है।
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको दिनभर थकान महसूस होती है या अक्सर मांसपेशियों में ऐंठन होती है, तो डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए कई तरह के विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इनमें मैग्नीशियम भी एक महत्वपूर्ण मिनरल है।
मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज समेत शरीर की कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। डाइट में इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं होने पर कमजोरी और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर मैग्नीशियम की कमी मान लेना सही नहीं है, क्योंकि इनके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
अगर आप अपनी डाइट के जरिए मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाना चाहते हैं, तो इन खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं।
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं। इन्हें सब्जी, दाल या अन्य व्यंजनों के रूप में नियमित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इनमें फाइबर समेत कई दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।
2. केला
केला आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है, जिसमें मैग्नीशियम के साथ पोटैशियम भी पाया जाता है। इसे नाश्ते में, स्नैक के तौर पर या एक्सरसाइज के बाद खाया जा सकता है। हालांकि, केला मैग्नीशियम का सबसे समृद्ध स्रोत नहीं है, इसलिए केवल केले पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लेना बेहतर है।
3. नट्स और सीड्स
बादाम, काजू, मूंगफली और कुछ बीज जैसे कद्दू के बीज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट भी मिलते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है।
4. दालें और बीन्स
चना, राजमा, लोबिया, मसूर और मूंग जैसी दालें और फलियां मैग्नीशियम के साथ प्रोटीन और फाइबर भी देती हैं। भारतीय भोजन में इन्हें शामिल करना आसान है। नियमित डाइट में अलग-अलग तरह की दालों और फलियों को शामिल करना पोषण की दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है।
5. डार्क चॉकलेट
कोको की अधिक मात्रा वाली डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम पाया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी होते हैं। हालांकि, चॉकलेट में कैलोरी और चीनी की मात्रा ब्रांड और प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, इसलिए इसे कम मात्रा में लेना बेहतर है।
सिर्फ मैग्नीशियम की कमी मानकर न करें इलाज
थकान, कमजोरी या मांसपेशियों में ऐंठन कई कारणों से हो सकती है। अगर ये समस्याएं लगातार बनी हुई हैं या ज्यादा परेशान कर रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के जरिए इसके कारण का पता लगा सकते हैं।
मैग्नीशियम सप्लीमेंट भी बिना जरूरत या चिकित्सकीय सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए। संतुलित डाइट से अलग-अलग पोषक तत्व प्राप्त करना आम तौर पर बेहतर तरीका है।

