रणथंभौर में बाघिन शक्ति का ममता भरा अंदाज, दो शावकों को दुलारते देख रोमांचित हुए पर्यटक

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघिन शक्ति अपने दो शावकों के साथ नजर आई। पर्यटकों ने करीब दो घंटे तक मां और शावकों की गतिविधियां देखीं और नजारा कैमरे में कैद किया।

रणथंभौर में बाघिन शक्ति का ममता भरा अंदाज, दो शावकों को दुलारते देख रोमांचित हुए पर्यटक

राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघिन शक्ति और उसके दो शावकों का खूबसूरत नजारा पर्यटकों के कैमरों में कैद हुआ। शुक्रवार सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर-4 के सेमली वन क्षेत्र में बाघिन शक्ति अपने दोनों शावकों के साथ नजर आई। जंगल में मां और शावकों के बीच स्नेह भरे पल देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। पर्यटकों ने करीब दो घंटे तक बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियों को निहारा।

चट्टान के पास आराम करती दिखी बाघिन शक्ति

शुक्रवार सुबह की पारी में सफारी पर निकले पर्यटकों को सेमली वन क्षेत्र में बाघिन शक्ति दिखाई दी। वह एक चट्टान के पास बैठकर आराम कर रही थी। करीब 15 से 20 मिनट तक बाघिन वहीं बैठी रही, जबकि उसके दोनों शावक पास ही एक पेड़ के नीचे नजर आए।

कुछ देर बाद बाघिन अपने शावकों के पास पहुंची। इस दौरान वह एक शावक को दुलारती हुई दिखाई दी। जंगल में बाघिन और उसके शावकों के बीच यह दृश्य पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन गया।

मां और शावकों के बीच दिखा स्नेह

बाघिन शक्ति के दोनों शावक कुछ समय तक पेड़ के नीचे बैठे रहे। वहीं, बाघिन कभी आराम करती तो कभी अपने शावकों के पास जाती नजर आई। एक शावक को दुलारते हुए बाघिन का दृश्य पर्यटकों को खूब पसंद आया।

इस पूरे नजारे को सफारी पर मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद किया। बाघिन और उसके शावकों को करीब से देखने का अवसर मिलने से पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

 टूरिस्ट सीजन के साथ रणथंभौर में बढ़ी रौनक

रणथंभौर में टूरिस्ट सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सैलानी यहां जंगल सफारी और बाघों के दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में बाघिन शक्ति और उसके दोनों शावकों की साइटिंग पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन गई।

रणथंभौर की पहचान बाघों के लिए देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। यहां जंगल के प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों की गतिविधियां देखने के लिए पर्यटक सफारी का रुख करते हैं। बाघिन शक्ति और उसके शावकों का यह नजारा एक बार फिर रणथंभौर में वन्यजीवों को देखने के प्रति पर्यटकों के उत्साह को दिखाता है।