आयरन वाला खाना खाने के बाद भी नहीं बढ़ रहा हीमोग्लोबिन? इन चीजों के साथ करें सेवन
हीमोग्लोबिन कम है तो आयरन से भरपूर चीजों को विटामिन C वाले खाद्य पदार्थों के साथ लेना फायदेमंद हो सकता है। जानें कौन से फूड कॉम्बिनेशन डाइट में शामिल करें।
अगर डाइट में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करने के बावजूद हीमोग्लोबिन कम बना हुआ है, तो सिर्फ आयरन की मात्रा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर आयरन को कितनी अच्छी तरह अवशोषित कर पा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है। खासकर प्लांट-बेस्ड आयरन के अवशोषण में विटामिन C मददगार हो सकता है।
इसलिए खाने की कुछ चीजों को सही तरीके से मिलाकर लेना डाइट से मिलने वाले आयरन के इस्तेमाल को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
पालक के साथ नींबू
पालक और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों में नॉन-हीम आयरन पाया जाता है। इसके साथ नींबू, आंवला या अन्य विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ लेने से शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
दाल के साथ टमाटर
दालें आयरन और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। दाल में टमाटर मिलाकर खाने से विटामिन C भी डाइट में शामिल हो जाता है। इसी तरह दाल के साथ नींबू का सेवन भी किया जा सकता है।
चना और नींबू
भुना चना आयरन और प्रोटीन देता है। इसमें नींबू का रस मिलाकर या साथ में किसी विटामिन C युक्त फल का सेवन करने से आयरन के अवशोषण को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
किशमिश और विटामिन C वाले फल
किशमिश जैसे ड्राय फ्रूट्स में कुछ मात्रा में आयरन होता है। इन्हें संतरा, मौसंबी, अमरूद या आंवला जैसे विटामिन C वाले फलों के साथ लिया जा सकता है।
तिल और गुड़
तिल में आयरन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और गुड़ में भी कुछ मात्रा में आयरन हो सकता है। हालांकि इसे हीमोग्लोबिन की कमी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। गुड़ में शुगर भी काफी होती है, इसलिए इसकी मात्रा सीमित रखना बेहतर है।
अनार को डाइट में करें शामिल
अनार को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इसे सीधे तौर पर हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाली दवा नहीं समझना चाहिए। अगर आयरन की कमी है तो आयरन के वास्तविक स्रोतों पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी है।
चुकंदर और गाजर का सेवन
चुकंदर और गाजर कई विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन केवल चुकंदर या गाजर खाने से आयरन की कमी पूरी होने की गारंटी नहीं है।
अंडा और हरी सब्जियां
अंडा प्रोटीन समेत कई पोषक तत्व देता है। वहीं हरी सब्जियों से फोलेट और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट मिल सकते हैं। दोनों को संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।
सिर्फ आयरन ही नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
हीमोग्लोबिन कम होने के पीछे आयरन की कमी के अलावा विटामिन B12 या फोलेट की कमी, अधिक रक्तस्राव, कुछ बीमारियां या आयरन का शरीर में ठीक से अवशोषित न होना जैसी वजहें भी हो सकती हैं।
साथ ही चाय और कॉफी में मौजूद कुछ यौगिक भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इसलिए आयरन से भरपूर भोजन के तुरंत साथ चाय-कॉफी लेने से बचना बेहतर है।
अगर जांच में हीमोग्लोबिन लगातार कम आ रहा है, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना या अत्यधिक थकान जैसी समस्या है, तो केवल घरेलू खान-पान पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर कारण की जांच करानी चाहिए।

