फलोदी बोरवेल हादसा: 640 फीट गहराई में फंसा 9 साल का भोमाराम, कैमरे में मूवमेंट बंद; देसी जुगाड़ से रेस्क्यू की कोशिश

राजस्थान के फलोदी में 9 साल का भोमाराम 640 फीट नीचे बोरवेल में फंसा है। कैमरा अटकने, पत्थर की बाधा और पानी भरने की सूचना के बीच रेस्क्यू जारी है।

फलोदी बोरवेल हादसा: 640 फीट गहराई में फंसा 9 साल का भोमाराम, कैमरे में मूवमेंट बंद; देसी जुगाड़ से रेस्क्यू की कोशिश

राजस्थान के फलोदी जिले में 9 साल के भोमाराम को बोरवेल से बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी है। बच्चा गुरुवार दोपहर पूनिया की ढाणी में 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था और करीब 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक नई चुनौती सामने आई, जब बोरवेल में डाले गए कैमरे में बच्चे की हलचल दिखाई देना बंद हो गई। वहीं, लगातार चल रहे अभियान के बीच बोरवेल में पानी भरने की जानकारी भी सामने आई है।

कैमरा करीब 30 फीट पर अटका, नहीं दिख रही हलचल

रेस्क्यू टीम के मुताबिक, बोरवेल में डाला गया कैमरा करीब 30 फीट तक जाने के बाद फंस गया है। इसके कारण बच्चे की स्थिति पर नजर रखने में परेशानी आ रही है। कैमरे में मूवमेंट नहीं दिखने से चिंता बढ़ी है, लेकिन केवल कैमरे में हलचल नजर नहीं आने से बच्चे की स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। बचाव दल उसे बाहर निकालने के प्रयास में जुटा है।

पत्थर बना रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा

बोरवेल के भीतर फंसा पत्थर बचाव अभियान में बड़ी रुकावट बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, पत्थर बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर अटका है, जिससे पाइप और अन्य उपकरणों को नीचे तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इसे हटाने के लिए टीम लगातार अलग-अलग तरीके आजमा रही है।

लोहे के एंगल से बनाया देसी उपकरण

रेस्क्यू में मदद के लिए देसी जुगाड़ से विशेष उपकरण तैयार किया गया है। लोहे के एंगल जोड़कर पाइप जैसी संरचना बनाई गई है, जिसकी मदद से बोरवेल में फंसे पत्थर को पकड़कर बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। देसी तरीके से बोरवेल से लोगों को निकालने के अनुभव वाले मादाराम और उनकी टीम भी मौके पर पहुंची है। अब लोहे के सरियों का जाल बनाकर बच्चे तक पहुंचने और उसे बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।

परिवार और प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू

बोरवेल के पास बच्चे के परिजन और समाज के लोग मौजूद हैं। वे प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और रेस्क्यू अभियान पर नजर रख रहे हैं। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी घटनास्थल पर पहुंचे। बचाव दल के सामने पत्थर हटाने, उपकरणों को नीचे पहुंचाने और बोरवेल में पानी भरने जैसी चुनौतियां हैं।

गुरुवार दोपहर बोरवेल में गिरा था भोमाराम

जानकारी के मुताबिक, फलोदी जिले की पूनिया की ढाणी में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोमाराम बोरवेल में गिर गया था। बोरवेल की गहराई करीब 1050 फीट बताई गई है, जबकि बच्चा लगभग 640 फीट पर फंसा है। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।