अस्पताल के बाहर प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म, स्टाफ की कमी पर लोगों का धरना
टिब्बी CHC के बाहर प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। घटना के बाद लोगों ने धरना देकर चिकित्सा स्टाफ की कमी दूर करने की मांग की। अधिकारियों ने अतिरिक्त स्टाफ का आश्वासन दिया।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के बाहर प्रसूता के बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने सीएचसी के मुख्य द्वार के सामने धरना देकर चिकित्सा स्टाफ की कमी दूर करने और मामले की जांच की मांग की।
प्रदर्शन के चलते सड़क पर वाहनों की कतार लग गई और कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। देर रात तहसीलदार के साथ हुई वार्ता के बाद एक अतिरिक्त चिकित्सक और एक महिला नर्सिंगकर्मी की नियुक्ति का लिखित आश्वासन दिया गया।
प्रसूता को सिरसा रेफर करने के बाद बाहर हुआ प्रसव
जानकारी के अनुसार, प्रसूता डिलीवरी के लिए टिब्बी सीएचसी पहुंची थी। प्रदर्शन कर रहे लोगों और परिजनों का आरोप है कि उसे अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय रेफर कर दिया गया। इसके बाद सीएचसी के बाहर ही प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया।
घटना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए स्टाफ के रिक्त पद भरने की मांग की।
चिकित्सा अधिकारियों ने बताया- परिजनों के आग्रह पर किया रेफर
वहीं, ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक ने अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि प्रसूता को चिकित्सा स्टाफ ने उसके परिजनों के आग्रह पर रेफर किया था। परिजन उसे डिलीवरी के लिए सिरसा ले जाना चाहते थे।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रेम कस्वा के अनुसार, उन्होंने परिजनों को समझाया था कि सामान्य प्रसव सीएचसी में कराया जा सकता है, लेकिन परिजन प्रसूता को सिरसा ले जाने पर अड़े रहे। इसके बाद उनके आग्रह पर रेफर किया गया।
चिकित्सा स्टाफ की कमी को लेकर लोगों ने उठाई मांग
धरना दे रहे लोगों ने सीएचसी में चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा कर्मियों के रिक्त पद जल्द भरने की मांग की। उनका कहना था कि टिब्बी और आसपास के क्षेत्र की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी केंद्र पर निर्भर है।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। साथ ही सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
घटना की सूचना मिलने पर टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार हरीश सारण और ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक ने भी प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की।
पहले दौर की बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद देर रात करीब पौने 12 बजे दोबारा वार्ता हुई। इसके बाद एक अतिरिक्त चिकित्सक और एक महिला नर्सिंगकर्मी की नियुक्ति का लिखित आश्वासन दिया गया।
आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
नोट: प्रसूता को रेफर किए जाने और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधा को लेकर परिजनों/प्रदर्शनकारियों और चिकित्सा अधिकारियों के बयान अलग-अलग हैं। मामले में किसी लापरवाही का निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

