संगरिया में सियासी घमासान: पार्षदों की तलाश में पंजाब पहुंची पुलिस, विधायक से तीखी बहस; थाने के बाहर कांग्रेस का धरना
संगरिया नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव से पहले दो पार्षदों के कथित अपहरण की शिकायत पर पुलिस पंजाब पहुंची। पटियाला में विधायक से बहस और संगरिया थाने के बाहर कांग्रेस का धरना हुआ।
हनुमानगढ़ की संगरिया नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले दो पार्षदों के कथित अपहरण की शिकायत ने सियासी विवाद बढ़ा दिया। पुलिस दोनों पार्षदों की तलाश में पंजाब के पटियाला पहुंची, जहां विधायक अभिमन्यु पूनिया और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। दोनों पार्षदों ने पुलिस के सामने अपहरण से इनकार किया है।
अपहरण की शिकायत के बाद पंजाब पहुंची संगरिया पुलिस
संगरिया नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दो पार्षदों के कथित अपहरण की शिकायत के बाद संगरिया पुलिस की टीम पंजाब के पटियाला पहुंची। पुलिस के अनुसार, शिकायत में पार्षद ओमप्रकाश स्वामी और उनके बेटे साहिल स्वामी के लापता होने की बात कही गई थी।
जांच के सिलसिले में संगरिया थाने के पुलिस अधिकारी पंजाब पुलिस के साथ उस स्थान पर पहुंचे, जहां दोनों पार्षदों के ठहरने की जानकारी मिली थी। वहां संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया भी मौजूद थे।
पुलिस और विधायक के बीच हुई तीखी बहस
पुलिस टीम के पहुंचते ही विधायक पूनिया और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। विधायक ने पुलिस से कार्रवाई का आधार और दर्ज शिकायत से जुड़ी जानकारी मांगी।
पूनिया ने आरोप लगाया कि पार्षदों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए पुलिस कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस का पक्ष यह है कि पार्षदों के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद उनकी तलाश के लिए टीम पंजाब पहुंची थी।
पार्षदों ने पुलिस के सामने अपहरण से किया इनकार
पुलिस ने पटियाला में दोनों पार्षदों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। दोनों ने कथित अपहरण से इनकार करते हुए कहा कि वे अपनी इच्छा से पंजाब आए हैं।
पुलिस के सामने साहिल स्वामी ने भी कहा कि उन्हें किसी ने जबरन नहीं ले जाया। ओमप्रकाश स्वामी ने भी अपनी मर्जी से वहां मौजूद होने की बात कही। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए।
राजनीतिक दबाव का लगाया आरोप
साहिल स्वामी ने आरोप लगाया कि उन्हें नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के राजनीतिक समीकरणों के बीच दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे चुनाव से जुड़े वोटों के गणित से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच में शिकायत, घटनाक्रम और दोनों पार्षदों के बयानों को देखा जा रहा है।
संगरिया थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना
पटियाला में हुए घटनाक्रम की जानकारी संगरिया पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। देर रात और तड़के कार्यकर्ता संगरिया थाने के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आधी रात को पंजाब तक कार्रवाई की। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की।
विधायक पूनिया ने पुलिस पर लगाए आरोप
विधायक अभिमन्यु पूनिया ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर उनके राजनीतिक फैसलों को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
पूनिया ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी और अपने समर्थकों से संगरिया थाने के बाहर पहुंचने की अपील की। उनके बयानों की रिपोर्ट अन्य समाचार माध्यमों ने भी की है।
नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव बना पूरे विवाद का केंद्र
संगरिया नगरपालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव इस पूरे घटनाक्रम की राजनीतिक पृष्ठभूमि में है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार 35 सदस्यीय नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 18 पार्षदों का है। चुनाव से पहले अलग-अलग राजनीतिक खेमे पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रिय हैं।
ऐसे में दो पार्षदों के लापता होने की शिकायत, उनकी तलाश में पुलिस का पंजाब पहुंचना और वहां विधायक के साथ पुलिस की बहस ने चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।
अब जांच के नतीजों पर नजर
फिलहाल पूरे मामले में तीन बिंदु अहम हैं—पार्षदों के कथित अपहरण की शिकायत, पंजाब में पुलिस के सामने दोनों के दर्ज बयान और पुलिस की आगे की जांच।
पार्षदों ने अपहरण से इनकार किया है, जबकि पुलिस का कहना है कि वह शिकायत के आधार पर जांच कर रही थी। इसलिए मामले की आगे की स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

