जयपुर CA किडनैपिंग का CCTV कनेक्शन, कर्ज और ऐश के लिए 4 दोस्तों ने रची थी साजिश; 3 गिरफ्तार

जयपुर के सेंट्रल पार्क में CA राजीव गुप्ता के अपहरण की कोशिश का पुलिस ने खुलासा किया है। 1000 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी फरार है।

जयपुर CA किडनैपिंग का CCTV कनेक्शन, कर्ज और ऐश के लिए 4 दोस्तों ने रची थी साजिश; 3 गिरफ्तार

जयपुर के सेंट्रल पार्क में चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण की कोशिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अशोक नगर थाना पुलिस ने करीब एक हजार से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर वारदात से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार है। पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने कर्ज चुकाने और अपने खर्च पूरे करने के लिए अपहरण के जरिए फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी।

पुलिस ने बस्सी क्षेत्र के पोतली गांव निवासी चेतन शर्मा उर्फ लाला, हनुमान प्रजापत और खो नागोरियान क्षेत्र के नूर नगर लुनियावास निवासी जैनुल खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

10 सितंबर को सेंट्रल पार्क में हुई थी वारदात

मामला 10 सितंबर का है। 50 वर्षीय CA राजीव गुप्ता सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए सेंट्रल पार्क पहुंचे थे। पार्किंग के पास उन्हें उनकी ही कार में जबरन ले जाने की कोशिश की गई। इसके बाद कार आमेर की तरफ पहुंची, जहां रास्ते में वह दो वाहनों से टकरा गई और आगे जाकर पलट गई।

हादसे के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। आमेर थाना पुलिस ने CA को सुरक्षित बरामद किया और उनकी कार भी कब्जे में ली। इसके बाद अशोक नगर थाना पुलिस ने अपहरण के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

बाइक और CCTV ने जोड़ा आरोपियों तक रास्ता

पुलिस जांच में CCTV फुटेज सबसे अहम कड़ी साबित हुए। अलग-अलग स्थानों से मिले फुटेज के जरिए पुलिस ने आरोपियों की आवाजाही का रूट खंगाला। जांच के दौरान सामने आया कि एक बाइक सवार व्यक्ति दो साथियों को सेंट्रल पार्क के आसपास छोड़कर चला गया था।

पुलिस ने बाइक की पहचान के लिए उसके नंबर की जांच की तो नंबर प्लेट फर्जी निकली। इसके बाद CCTV में दिखाई दे रही बाइक की गतिविधियों को ट्रैक करते हुए पुलिस टीम आगरा रोड तक पहुंची।

भागने के बाद लगातार बदलते रहे ठिकाने

पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी एक जगह टिकने के बजाय लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। इसी वजह से उनकी तलाश चुनौतीपूर्ण रही। पुलिस ने अलग-अलग CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए उनकी गतिविधियों को जोड़ना शुरू किया।

जांच के दौरान एक-एक कर तीन आरोपियों तक पुलिस पहुंची। शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

करीब एक महीने से बनाई जा रही थी योजना

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अचानक वारदात को अंजाम नहीं दिया था। पूछताछ में सेंट्रल पार्क की पहले से रेकी करने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने करीब एक महीने तक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बनाई, जिसे वे आर्थिक रूप से सक्षम समझते थे।

जांच के मुताबिक वारदात से करीब 10 दिन पहले भी आरोपी पार्क पहुंचे थे, लेकिन उस समय भीड़ अधिक होने के कारण योजना को अंजाम नहीं दे सके। बाद में दोबारा मौका देखकर अपहरण की कोशिश की गई।

 फिरौती के लिए बनाई थी योजना

पुलिस के अनुसार चारों दोस्तों की योजना अपहरण के बाद पीड़ित के परिजनों से संपर्क कर फिरौती मांगने की थी। पूछताछ में आरोपियों ने कर्ज चुकाने के साथ निजी खर्च पूरे करने के लिए रकम जुटाने की बात कही है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही दो बाइक, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस पूरी साजिश में फरार आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या इससे पहले भी किसी वारदात की योजना बनाई गई थी।

 गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही

पुलिस जांच में चेतन शर्मा के खिलाफ पहले भी एक अपहरण मामले में आरोपी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं अन्य गिरफ्तार आरोपियों के कामकाज और पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि कर्ज और निजी खर्च को वारदात की वजह बताए जाने की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

फरार आरोपी की तलाश जारी

अपहरण की इस कोशिश में चार लोगों के शामिल होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि चौथे की तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में CCTV फुटेज, फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक और आरोपियों की आपसी गतिविधियों को अहम सबूत माना है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद अपहरण की साजिश, आरोपियों की भूमिका और फिरौती से जुड़े पूरे नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।