Bharatpur Mayor Election: निर्दलीय विचित्रा सिंह ने वापस लिया नामांकन, अनुराधा सिंह के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ

भरतपुर मेयर चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा की अनुराधा सिंह अकेली उम्मीदवार रह गई हैं और उनके निर्विरोध महापौर चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।

Bharatpur Mayor Election: निर्दलीय विचित्रा सिंह ने वापस लिया नामांकन, अनुराधा सिंह के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ

Bharatpur Mayor Election 2026: भरतपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में शुक्रवार को बड़ा बदलाव हुआ। निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह ही मैदान में रह गई हैं और उनके निर्विरोध महापौर चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, औपचारिक निर्वाचन प्रक्रिया अभी बाकी है।

नामांकन वापसी से बदले चुनावी समीकरण

विचित्रा सिंह ने वार्ड नंबर 17 से निर्दलीय पार्षद के तौर पर महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। वह पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट की पत्नी हैं। नामांकन के दौरान उनके कांग्रेस समर्थित होने की चर्चा थी।

इससे पहले भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के चुनाव में 36 निर्दलीय, 20 भाजपा, 7 कांग्रेस और एक-एक पार्षद बसपा व आरएलपी से निर्वाचित हुए थे। ऐसे में निर्दलीय पार्षद महापौर चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका में थे।

गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से मुलाकात

नामांकन वापस लेने से पहले गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट से मुलाकात हुई। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों के बीच राजनीतिक चर्चा हुई। इसके बाद शिव सिंह भोंट अपनी पत्नी विचित्रा सिंह के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी की।

गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने इस मुलाकात को राजनीतिक चर्चा बताया और शिव सिंह भोंट को अपना पुराना मित्र बताया। वहीं शिव सिंह भोंट ने कहा कि भरतपुर के विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने यह फैसला लिया।

गहलोत ने लगाया दबाव का आरोप

विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गहलोत ने दावा किया कि विचित्रा सिंह को दबाव में नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाया गया।

गहलोत ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार और प्रशासन पर राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप लगाया।

हालांकि, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने नामांकन वापसी के लिए किसी सरकारी दबाव के आरोपों का खंडन किया है। उनके अनुसार इस तरह के आरोप गलत हैं।

विचित्रा सिंह ने क्या कहा?

नामांकन वापस लेने के बाद विचित्रा सिंह ने भरतपुर के विकास में अपनी भूमिका निभाने की बात कही। उनके पति शिव सिंह भोंट ने भी कहा कि शहर के विकास के लिए आगे मिलकर काम किया जाएगा।

विचित्रा सिंह के मैदान से हटने के बाद अब भाजपा की अनुराधा सिंह अकेली प्रत्याशी रह गई हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध निर्वाचन संभव है, लेकिन अंतिम औपचारिक घोषणा निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।