उमस और पसीने में चिपचिपी त्वचा से परेशान? अपनाएं ये आसान स्किन केयर टिप्स
उमस और पसीने में त्वचा चिपचिपी और ऑयली हो सकती है। जानें माइल्ड क्लेंजर, जेल मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन और हाइड्रेशन से जुड़े आसान टिप्स।
मानसून और उमस भरे मौसम में गर्मी के साथ हवा में नमी भी बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है और त्वचा पर तेल, पसीना और धूल आसानी से जमा हो जाती है। इसका असर चेहरे पर भी दिखाई देता है। त्वचा चिपचिपी महसूस होने लगती है और कुछ लोगों में मुँहासे, ब्लैकहेड्स और एक्स्ट्रा ऑयल की समस्या बढ़ सकती है।
ऐसे मौसम में स्किन केयर रूटीन को थोड़ा हल्का और आसान रखना बेहतर होता है। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय त्वचा को साफ रखना, पर्याप्त मॉइस्चराइजेशन और रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
दिन में दो बार हल्के क्लेंजर से चेहरा साफ करें
उमस और पसीने के कारण चेहरे पर अतिरिक्त तेल और गंदगी जमा हो सकती है। इसलिए सुबह और रात चेहरे को माइल्ड या जेंटल क्लेंजर से साफ करें। इससे त्वचा पर जमा पसीना और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद मिलती है।
हालांकि, बार-बार चेहरा धोने से बचें। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर त्वचा रूखी या इरिटेटेड हो सकती है और संवेदनशील त्वचा में परेशानी बढ़ सकती है।
भारी क्रीम की जगह चुनें जेल मॉइस्चराइजर
उमस के मौसम में कई लोग मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें चेहरे पर चिपचिपापन महसूस होता है। लेकिन मॉइस्चराइजर को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है।
ऐसे मौसम में हल्का, वॉटर-बेस्ड या जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार ऐसा मॉइस्चराइजर चुनें जो लगाने के बाद त्वचा को बहुत भारी या चिकना महसूस न कराए।
बादल हों तब भी सनस्क्रीन जरूरी
मानसून में आसमान में बादल होने के कारण कई लोग सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं। लेकिन बाहर निकलने पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किन केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दिन के समय बाहर जाने से पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं या पसीना ज्यादा आता है, तो उत्पाद के निर्देशों के अनुसार इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।
मेकअप कम रखें
उमस और पसीने वाले मौसम में ज्यादा या भारी मेकअप त्वचा पर असहज महसूस हो सकता है। इसलिए जरूरत के मुताबिक हल्का मेकअप रखना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अगर त्वचा पर मुंहासे या ऑयलीनेस की समस्या रहती है, तो ऐसे मेकअप और स्किन केयर प्रोडक्ट्स चुनें जो आपके लिए पोर्स बंद करने वाले न हों। मेकअप को रात में सोने से पहले अच्छी तरह साफ करना भी जरूरी है।
पसीना आने पर चेहरा रगड़ने से बचें
उमस में पसीना आना सामान्य है, लेकिन पसीने को बार-बार हाथ से रगड़कर साफ करने से त्वचा में जलन हो सकती है। जरूरत पड़ने पर साफ टिश्यू या मुलायम कपड़े से चेहरे को हल्के हाथों से थपथपाकर साफ करें। साथ ही, चेहरे को बार-बार छूने से बचें, खासकर तब जब हाथ साफ न हों।
शरीर को हाइड्रेट रखें
गर्म और उमस भरे मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। दिनभर पानी पीते रहें और अपनी प्यास के अनुसार तरल पदार्थ लेते रहें। हाइड्रेशन शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, केवल ज्यादा पानी पीने से मुँहासे या ऑयली स्किन की समस्या खत्म होने की गारंटी नहीं होती। त्वचा की देखभाल के लिए सही क्लीनिंग और मॉइस्चराइजिंग रूटीन भी जरूरी है।
स्किन केयर में रखें ये छोटी-छोटी सावधानियां
उमस के मौसम में साफ तौलिया और तकिए का कवर इस्तेमाल करें। पसीने से भीगे कपड़े लंबे समय तक पहनने से बचें और एक्सरसाइज या ज्यादा पसीना आने के बाद शरीर को साफ कर लें।
अगर चेहरे पर लगातार या गंभीर मुँहासे, लालिमा, खुजली, जलन या किसी तरह की त्वचा संबंधी परेशानी बनी रहती है, तो खुद से बहुत सारे प्रोडक्ट आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
आसान मानसून स्किन केयर रूटीन
सुबह: माइल्ड क्लेंजर → हल्का मॉइस्चराइजर → SPF 30+ सनस्क्रीन
दिन में: जरूरत के अनुसार पसीना साफ करें → बाहर लंबे समय तक रहने पर सनस्क्रीन दोबारा लगाएं
रात: चेहरा साफ करें → हल्का मॉइस्चराइजर
उमस वाले मौसम में स्किन केयर का सबसे जरूरी नियम है— कम लेकिन सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें और त्वचा को जरूरत से ज्यादा ट्रीट न करें। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार रूटीन चुनना सबसे बेहतर रहता है।

