रिलायंस से राज्यसभा तक धनराज नाथवानी का सफर, अखिलेश ने क्यों खेला ये ‘सरप्राइज’ दांव?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सपा ने धनराज परिमल नाथवानी और रामगोपाल यादव को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने लखनऊ में नामांकन दाखिल किया। 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।

रिलायंस से राज्यसभा तक धनराज नाथवानी का सफर, अखिलेश ने क्यों खेला ये ‘सरप्राइज’ दांव?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है। सपा ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के साथ नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने 30 सितंबर को लखनऊ में नामांकन दाखिल किया।

‎धनराज नाथवानी की पहचान सिर्फ कॉरपोरेट जगत तक सीमित नहीं है। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट होने के साथ गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। मंदिर प्रशासन, शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका रही है।

‎नाथवानी की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनके पिता परिमल नाथवानी राज्यसभा सांसद हैं। जून 2026 में वे NDA के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर झारखंड से राज्यसभा पहुंचे थे। यह उनका चौथा कार्यकाल है।

‎ऐसे में पिता का NDA समर्थित सांसद होना और बेटे का सपा के टिकट पर राज्यसभा उम्मीदवार बनना राजनीतिक रूप से दिलचस्प समीकरण बना रहा है।

‎अखिलेश यादव ने नाथवानी को उम्मीदवार बनाने के पीछे उद्योग जगत को संसद में प्रतिनिधित्व देने और अलग दृष्टिकोण वाले लोगों को मौका देने की बात कही है।

‎उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से सपा को अपनी दो सीटों के लिए कांग्रेस के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में नाथवानी की उम्मीदवारी को लेकर सपा-कांग्रेस के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

‎अब सवाल यही है कि अखिलेश यादव का यह ‘सरप्राइज’ दांव राज्यसभा चुनाव और विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर क्या असर डालता है।