चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 30 फीट उफान में बहा 300 फीट लंबा पुल; 400 दुकानें डूबीं, सड़क पर चलीं नावें
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में 30 फीट उफान से हनुमान धारा का 300 फीट लंबा पुल बह गया। 400 दुकानें जलमग्न हैं और यूपी-एमपी सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने भारी तबाही मचा दी है। नदी में करीब 30 फीट का उफान आने से हनुमान धारा पर बना करीब 300 फीट लंबा पुल बाढ़ की तेज धार में टूटकर बह गया। करीब 400 दुकानें पानी की चपेट में आ गई हैं, जबकि कई इलाकों में सड़कों पर नावें चल रही हैं। बाढ़ के चलते यूपी और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
एनएच-35 पर कर्वी-मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा भी बाढ़ में बह गया। पुल के धंसने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भी भारी वाहनों का आवागमन बंद है। वहीं, रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
300 साल पुराना मंदिर भी बाढ़ की चपेट में
मध्य प्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट में भी बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 300 साल पुराने ठाकुर छविकिशोर मंदिर की दीवारें ध्वस्त हो गईं और मंदिर के अंदर पानी घुस गया। गर्भगृह तक पानी पहुंचने से भगवान के श्रृंगार के सामान और वाद्य यंत्र भी खराब हो गए।
घरों में घुसी सिल्ट, राहत-बचाव में जुटीं टीमें
बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में घरों के अंदर कई फीट तक सिल्ट जमा हो गई है। लोग फावड़े से घरों की सफाई में जुटे हैं। कई लोग अब भी होटल और घरों में फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने बताया कि यूपी टूरिज्म चौराहे के पास बने म्युनिसिपल नाइट शेल्टर में प्रभावित लोगों के ठहरने, खाने और जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है और फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है।

