Nepal Flood Disaster: 675 मौतों के बाद फिर बारिश का खतरा, 2400 से ज्यादा लोग लापता; भारत ने तेज की मदद
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 675 लोगों की मौत और 2400 से ज्यादा लोग लापता हैं। भारत ने 108 नागरिकों का रेस्क्यू किया और राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है, जबकि 2,400 से अधिक लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित आठ जिलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन खराब मौसम ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बीच एक बार फिर बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
बुधवार को आई इस भीषण आपदा के बाद कई क्षेत्रों में तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ के तेज बहाव के साथ आया कीचड़, पानी और मलबा कई गांवों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया। सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण राहत कार्यों तक पहुंचना भी कई जगह चुनौती बना हुआ है।
आठ जिलों में लगातार सर्च ऑपरेशन
आपदा प्रभावित आठ जिलों में बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
अब तक विभिन्न इलाकों से 675 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम इलाकों तक पहुंचना है। कई स्थानों पर रास्ते क्षतिग्रस्त होने और मौसम खराब रहने से मशीनरी और राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी आ रही है।
ग्लेशियर टूटने के बाद मलबे और पानी ने मचाई तबाही
इस आपदा के पीछे नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक ग्लेशियर टूटने को बड़ा कारण बताया जा रहा है। इसके बाद बर्फ, चट्टानों और अन्य मलबे के साथ भारी मात्रा में पानी तेज गति से नीचे की ओर बहा।
मध्य नेपाल के कई क्षेत्रों में अचानक पहुंचे इस सैलाब ने शहरों और गांवों को प्रभावित किया। तेज बहाव की चपेट में आने से कई महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कुछ इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
2500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, विदेशी नागरिक भी शामिल
राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। इनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
हालांकि राहत एजेंसियों के सामने चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर बारिश जारी रहने से सर्च ऑपरेशन की रफ्तार प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग की नई चेतावनी के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
108 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू, 50 से दोबारा हुआ संपर्क
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय की ओर से 29 अगस्त 2026 की रात 10:30 बजे तक जारी जानकारी के अनुसार, नेपाल में 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है।
इसके अलावा 50 भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया गया है। हालांकि मंत्रालय के मुताबिक, 275 भारतीय नागरिकों के संबंध में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है और उन्हें लापता बताया गया है। वहीं 128 भारतीय मूल के लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि फंसे और संपर्क से बाहर लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।
चीन से 598 भारतीय सुरक्षित पहुंचे नेपाल
बाढ़ और खराब मौसम के बीच चीन से नेपाल पहुंचने वाले भारतीय नागरिकों को लेकर भी अपडेट सामने आया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं।
इसके अलावा करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन से रवाना नहीं हुए हैं। भारत सरकार के अनुसार ये लोग सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के सहयोग से उनके संपर्क में है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री की चौथी खेप
नेपाल की मदद के लिए भारत ने राहत अभियान और तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, 11 टन राहत सामग्री लेकर भारत की चौथी खेप नेपाल के लिए रवाना की गई है।
राहत कार्यों को सुचारू बनाने के लिए भारत की ओर से बुनियादी ढांचे की सहायता भी भेजी जा रही है। 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए 16 ट्रक उपकरण नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात अन्य बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए जरूरी उपकरण और तकनीकी सहायता भी भेजे जाने की तैयारी है।
भारत अब तक नेपाल को 68.5 टन राहत सामग्री पहुंचा चुका है। इसमें आवश्यक दवाएं, खाद्य सामग्री, पोर्टेबल जनरेटर, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और राहत कार्यों में उपयोग होने वाले तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
नेपाल में फंसे पर्यटक लौटे भारत
बाढ़ के दौरान नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों के सुरक्षित भारत लौटने की खबर भी सामने आई है। महाराष्ट्र के नागपुर का एक पर्यटक समूह वापस अपने शहर पहुंच गया है।
समूह के एक सदस्य के अनुसार, बाढ़ की घटना उनके ठिकाने से करीब 50 किलोमीटर दूर हुई थी। इसके बाद वे काठमांडू में फंस गए थे। बाद में प्रशासनिक सहयोग से उन्हें सुरक्षित निकाला गया और वापस नागपुर पहुंचाया गया।
बारिश का नया अलर्ट बढ़ा रहा चिंता
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच मौसम का बदलता मिजाज नई चुनौती बन गया है। प्रभावित क्षेत्रों में फिर से बारिश और गरज के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
पहले से तबाह इलाकों में दोबारा भारी बारिश होने की आशंका के चलते प्रशासन और बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। हजारों लोगों के लापता होने के कारण सर्च ऑपरेशन आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।
नेपाल इस समय अपनी हालिया बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। मृतकों की बढ़ती संख्या, हजारों लापता लोगों की तलाश और खराब मौसम के बीच राहत एजेंसियों के सामने समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब सबकी नजर मौसम की अगली
स्थिति और बचाव अभियान से मिलने वाले नए अपडेट पर टिकी है।

