मेरठ के मदरसे से आतंकी कनेक्शन पर बवाल, हिंदू संगठनों ने उठाई कार्रवाई की मांग; CM को भेजा ज्ञापन

मेरठ में आतंकी गतिविधियों के आरोपी मोहम्मद जफर का मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज से कनेक्शन सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने जांच और मदरसे को सील करने की मांग की है।

मेरठ के मदरसे से आतंकी कनेक्शन पर बवाल, हिंदू संगठनों ने उठाई कार्रवाई की मांग; CM को भेजा ज्ञापन

Meerut Madrasa News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मदरसे का नाम आतंकी गतिविधियों के आरोपी मोहम्मद जफर से जुड़ने के बाद विवाद बढ़ गया है। यूपी एटीएस की ओर से जफर की गिरफ्तारी के बाद हिंदू संगठनों ने मेरठ के कोतवाली क्षेत्र स्थित मदरसे के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठनों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मदरसे को सील करने की मांग की है।

मामला सामने आने के बाद सुरक्षा और मदरसों में छात्रों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, मदरसे की भूमिका और वहां किसी तरह की आपराधिक गतिविधि में उसकी संलिप्तता को लेकर जांच एजेंसियों की जांच अहम होगी।

करीब तीन साल मदरसे में रहा था जफर

यूपी एटीएस ने सोमवार को मोहम्मद जफर को गिरफ्तार करने का दावा किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, जफर के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे और उस पर कथित तौर पर फंड जुटाकर पाकिस्तान भेजने का आरोप है।

जांच के दौरान जफर का कनेक्शन मेरठ के कोतवाली क्षेत्र स्थित मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज से सामने आया। बताया गया है कि उसने वर्ष 2018-19 के सत्र में यहां दाखिला लिया था और करीब 2021-22 तक मदरसे में रहा। इस दौरान वह वहीं रहकर पढ़ाई करता था।

एटीएस की जांच में मदरसे से जुड़े कुछ साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि जफर ने मस्जिद के नाम पर चंदा जुटाने का काम भी किया था। फिलहाल मामले में जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

हिंदू संगठनों ने की मदरसे पर कार्रवाई की मांग

जफर के मदरसे से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है। संगठनों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसे की भूमिका की जांच के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मदरसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मदरसे को सील करने की मांग किए जाने की बात कही गई है।

बुलडोजर कार्रवाई की मांग

संगठन के पदाधिकारियों ने मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि यदि किसी आतंकी आरोपी का लंबे समय तक किसी संस्थान से जुड़ाव रहा है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

संगठन का कहना है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि उसे वहां रहने या पढ़ने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत मिली और उसकी गतिविधियों की जानकारी संस्थान के जिम्मेदार लोगों को थी या नहीं।

हालांकि, किसी संस्थान के खिलाफ अंतिम कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।

छात्रों के वेरिफिकेशन का मुद्दा भी उठा

हिंदू संगठनों ने मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि कई जगह दूसरे राज्यों या दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों का पर्याप्त वेरिफिकेशन नहीं होता।

उनकी मांग है कि सरकार ऐसे संस्थानों में पढ़ने और रहने वाले छात्रों की पहचान, दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की जांच की व्यवस्था को मजबूत करे। साथ ही किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी सामने आने पर संबंधित संस्थान और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जाए।

अब जांच के दायरे में मदरसे से जुड़े पहलू

मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाना अहम है कि मेरठ में रहने के दौरान उसका नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा था और कथित फंडिंग से संबंधित गतिविधियों में कौन-कौन शामिल था।

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ मदरसे की भूमिका, जफर के संपर्कों और उसके कथित नेटवर्क से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है। फिलहाल हिंदू संगठनों की कार्रवाई की मांग के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।