नशे के खिलाफ युवाओं से एकजुट होने की अपील, पंजाब में 117 सीटों पर BJP लड़ेगी चुनाव: सतीश पूनियां ने AAP को घेरा, वसुंधरा राजे पर भी दिया बयान
अलवर में नशामुक्त भारत वॉकथॉन में सतीश पूनियां ने युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। पंजाब की 117 सीटों और राजस्थान पंचायत चुनाव पर भी बात की।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पंजाब-जम्मू-कश्मीर प्रभारी डॉ. सतीश पूनियां ने रविवार को अलवर में नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित वॉकथॉन में युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब भारत, राजस्थान और अलवर का युवा नशे के खिलाफ खड़ा होगा, तभी इस बुराई को समाज से खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता मिलेगी। इस दौरान उन्होंने पंजाब की राजनीति, आम आदमी पार्टी सरकार, राजस्थान के आगामी पंचायतीराज चुनाव और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर भी अपनी बात रखी।
'नशे के खिलाफ युवाओं की भागीदारी जरूरी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत अलवर में आयोजित वॉकथॉन में पूनियां ने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में युवाओं ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सशक्त तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। पूनियां ने अभियान में जुटी ‘माय भारत’ टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को नशे की समस्या से मुक्त करना जरूरी है। नशा केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए इस लड़ाई में सरकार के साथ परिवार, समाज और युवाओं को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

पंजाब में BJP का मिशन, सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
पंजाब की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश पूनियां ने दावा किया कि वहां की जनता भारतीय जनता पार्टी को एक राजनीतिक विकल्प के रूप में देखने लगी है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर नशे, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। पूनियां के मुताबिक, इन मुद्दों पर जनता में असंतोष बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस आंतरिक विभाजन से जूझ रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी बूथ स्तर तक अपने संगठन को मजबूत कर रही है। भाजपा का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जीत हासिल कर प्रदेश में बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करना है।
पूनियां ने कहा कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने, नशे पर प्रभावी नियंत्रण और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, पंजाब में भाजपा की संभावनाओं को लेकर उनके ये बयान राजनीतिक आकलन और पार्टी के चुनावी दावे हैं।
पंजाब में नशे के खिलाफ BJP ने निकालीं चार यात्राएं
सतीश पूनियां ने बताया कि भाजपा ने पंजाब में नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया। उनके अनुसार, 18 से 30 सितंबर के बीच प्रदेश में करीब 4,000 किलोमीटर की चार यात्राएं निकाली गईं। इन यात्राओं के माध्यम से पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि अभियान का मकसद केवल राजनीतिक गतिविधि तक सीमित नहीं था, बल्कि नशे के खिलाफ जनजागरण और सामाजिक समर्थन तैयार करना भी था। पूनियां ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस संकल्प का भी उल्लेख किया, जिसके तहत पंजाब को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब कभी कृषि, खेल प्रतिभाओं, खुशहाली और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के लिए पहचाना जाता था। यह पहचान आज भी कायम है, लेकिन नशे की समस्या ने प्रदेश के सामने गंभीर सामाजिक चुनौती खड़ी कर दी है। उन्होंने दावा किया कि नशे की तस्करी का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक भी फैल रहा है, इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई जरूरी है।
नशे ने उजाड़े परिवार, बच्चों पर नजर रखने की अपील
नशे के खिलाफ अभियान के दौरान सामने आए अनुभव साझा करते हुए पूनियां ने कहा कि इस समस्या का असर कई परिवारों पर बेहद गंभीर पड़ा है। उन्होंने एक परिवार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि नशे के कारण एक मां के पांचों बेटों की मौत हो गई। एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि नशे से जुड़ी स्थिति में एक बेटे ने अपनी मां को गोली मार दी थी।
इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह परिवारों और सामाजिक ढांचे को भी प्रभावित करती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की संगति, व्यवहार और गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की।
पूनियां ने कहा कि माता-पिता बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, IAS या IPS बनाने के सपने देखते हैं, लेकिन सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चा स्वस्थ है और गलत रास्ते पर नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित रहना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि कोई बच्चा नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो उससे बाहर निकलना कठिन हो सकता है। इसलिए परिवारों को समय रहते सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान में नशे के खिलाफ चार गुना कार्रवाई का दावा
राजस्थान में नशे के खिलाफ कार्रवाई पर बात करते हुए सतीश पूनियां ने दावा किया कि मौजूदा भाजपा सरकार के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में करीब चार गुना अधिक कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के साथ मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ भी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने राजस्थान की करीब 1,100 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और फेंसिंग के जरिए निगरानी की जा रही है। उनके अनुसार, नशे की समस्या की जड़ें गहरी हैं और इसे एक दिन में समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए लगातार अभियान चलाने, तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने की जरूरत है।
पंचायत चुनाव में भी भाजपा को जीत की उम्मीद
राजस्थान के आगामी पंचायतीराज चुनावों को लेकर पूनियां ने कहा कि हाल में हुए निकाय चुनावों में भाजपा को सफलता मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का असर पंचायत चुनावों में भी दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन की मजबूती और सरकार के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। पार्टी का प्रयास रहेगा कि निकाय चुनावों में मिले समर्थन को आगामी ग्रामीण निकाय चुनावों में भी बरकरार रखा जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश पूनियां ने उन्हें भाजपा की प्रतिष्ठित और वरिष्ठ नेता बताया। उन्होंने कहा कि राजे ने केंद्रीय मंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।
पूनियां ने कहा कि वसुंधरा राजे जैसे बड़े राजनीतिक कद वाले नेता के संदर्भ में ‘नाराजगी’ जैसे शब्द का इस्तेमाल उचित नहीं लगता। उन्होंने कहा कि राजस्थान ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी राजे की मौजूदगी और भूमिका का प्रभाव रहा है।
अलवर दौरे के दौरान पूनियां के बयानों में दो प्रमुख संदेश सामने आए—नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की अपील और पंजाब में भाजपा को मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी पार्टी की उम्मीदें जाहिर कीं।

