नेपाल में झील टूटने के बाद बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंडक खतरे के निशान से ऊपर; 7 जिलों में हाई अलर्ट

नेपाल में संभावित फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वाल्मीकिनगर बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि डुमरिया घाट पर गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

नेपाल में झील टूटने के बाद बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंडक खतरे के निशान से ऊपर; 7 जिलों में हाई अलर्ट

नेपाल में संभावित फ्लैश फ्लड और झील टूटने की घटना के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाले पानी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बिहार प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। खासकर गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पश्चिम चंपारण से लेकर पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण तक नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी के डिस्चार्ज में शनिवार को लगातार बदलाव देखने को मिला। सुबह के समय पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ा और कुछ घंटों में डिस्चार्ज करीब एक लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद जलप्रवाह में मामूली कमी जरूर दर्ज की गई, लेकिन नेपाल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।

वाल्मीकिनगर बैराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज

शनिवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में तेजी से इजाफा हुआ। सुबह 4 बजे करीब 90,600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद सुबह 6 बजे यह बढ़कर 95,200 क्यूसेक और 8 बजे करीब 99,800 क्यूसेक तक पहुंच गया।

बाद के घंटों में प्रवाह में कुछ कमी आई। पूर्वी चंपारण के जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार शाम 8 बजे वाल्मीकिनगर बैराज से करीब 97,500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल से आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर बैराज से डिस्चार्ज में आगे भी बदलाव हो सकता है।

डुमरिया घाट पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंची गंडक

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने पूर्वी चंपारण में चिंता बढ़ा दी है। डुमरिया घाट पर नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। यहां खतरे का स्तर 62.22 मीटर निर्धारित है, जबकि शनिवार शाम 8 बजे गंडक का वास्तविक जलस्तर 62.57 मीटर दर्ज किया गया।

यानी नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। इसे देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

हालांकि राहत की बात यह है कि जिले के अन्य कई नदी बिंदुओं पर जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। लालबकैया, ललबेगिया, सिकरहना, गंडक के चटिया क्षेत्र और अहीरौलिया समेत कई स्थानों पर प्रशासन लगातार जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलस्तर में अचानक होने वाले किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल दी जाए।

 इन 7 जिलों में बढ़ाई गई विशेष निगरानी

नेपाल में फ्लैश फ्लड की आशंका और वहां जलस्तर में अचानक बदलाव की स्थिति को देखते हुए बिहार के कई जिलों को विशेष सतर्कता पर रखा गया है। वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बैराज क्षेत्र तक प्रशासन को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेष निगरानी वाले जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत नदी प्रभावित क्षेत्रों को शामिल किया गया है। वाल्मीकिनगर और मोतिहारी क्षेत्र में भी प्रशासनिक टीमें लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं।

गंडक नदी के किनारे बने तटबंधों की दिन-रात निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील और निचले इलाकों में प्रशासनिक टीमें पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। कई जगहों पर माइकिंग के जरिए लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

निचले इलाकों के लोगों को किया जा रहा सतर्क

नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर प्रशासन की खास नजर है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। जलस्तर और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मंत्री नंदकिशोर राम ने वाल्मीकिनगर बैराज का लिया जायजा

बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम भी वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पहुंचे और वहां मौजूदा हालात की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से नेपाल की स्थिति और बैराज से हो रहे पानी के डिस्चार्ज के बारे में जानकारी हासिल की।

मंत्री ने नेपाल में हुई त्रासदी पर दुख जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसी किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सरकार तैयार है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री स्तर पर भी स्थिति की जानकारी ली जा रही है।

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेपाल से आने वाले पानी के प्रवाह पर नजर बनाए रखना है। आने वाले समय में गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव यह तय करेगा कि बिहार के नदी किनारे वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा कितना बढ़ता है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव संबंधी कदम उठाए जाएंगे।