Rajasthan Nikay Chunav: टिकट से पहले BJP में घमासान! 50 हजार दावेदारों के बीच जिताऊ चेहरे की तलाश

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में BJP टिकट वितरण को लेकर मैराथन बैठकें कर रही है। 309 निकायों में 50 हजार से ज्यादा दावेदारों के बीच प्रत्याशी चयन और संभावित बगावत रोकना पार्टी के सामने बड़ी चुनौती है।

Rajasthan Nikay Chunav: टिकट से पहले BJP में घमासान! 50 हजार दावेदारों के बीच जिताऊ चेहरे की तलाश

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की सरगर्मी अब टिकट वितरण के दौर में पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशियों के नाम तय करने को लेकर गुरुवार को दिनभर बैठकों का सिलसिला चलता रहा। प्रदेश मुख्यालय में संभागवार मंथन के दौरान एक-एक वार्ड के संभावित उम्मीदवारों, स्थानीय समीकरणों और जीत की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

टिकटों की घोषणा से पहले ही कई जगह दावेदारों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। ऐसे में BJP के सामने एक ओर बड़ी संख्या में आए दावेदारों में से उम्मीदवार चुनने की चुनौती है, तो दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने की स्थिति में संभावित बगावत को रोकने की भी कवायद है।

 BJP मुख्यालय में दिनभर चली मैराथन बैठकें

जयपुर स्थित BJP प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी समेत वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्याशी चयन को लेकर बैठकें कीं।

बीकानेर, कोटा और जोधपुर संभाग समेत अन्य संभागों के टिकटों पर भी विचार-विमर्श किया गया। संभावित प्रत्याशियों के नामों के साथ-साथ स्थानीय संगठन की स्थिति, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण तथा उम्मीदवार की चुनावी पकड़ पर भी चर्चा हुई।

309 निकायों में 50 हजार से ज्यादा दावेदार

BJP के लिए सबसे बड़ी चुनौती टिकट के दावेदारों की संख्या बनी हुई है। प्रदेश की 309 नगर निकायों में पार्षद का टिकट पाने के लिए 50 हजार से ज्यादा आवेदन आने की बात सामने आई है।

पार्टी उम्मीदवारों के चयन के लिए कई स्तरों पर फीडबैक जुटा रही है। इसमें सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन की राय, पर्यवेक्षकों का फीडबैक और चुनाव समिति की समीक्षा को अहम माना जा रहा है। कई वार्डों में तीन संभावित नामों का पैनल तैयार किए जाने की भी जानकारी है।

पहली सूची को लेकर बढ़ी हलचल

BJP की पहली प्रत्याशी सूची को लेकर भी गुरुवार को राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। अजमेर और उदयपुर संभाग से जुड़े उम्मीदवारों के नाम सामने आने की संभावना जताई गई, जबकि बीकानेर, भरतपुर और कोटा संभाग को लेकर भी लगातार बैठकों में मंथन होता रहा।

पार्टी का दावा है कि जल्दबाजी में नाम घोषित करने के बजाय प्रत्येक वार्ड की स्थिति को समझकर फैसला लिया जा रहा है, ताकि चुनावी मैदान में मजबूत उम्मीदवार उतारे जा सकें।

टिकट से पहले कई जगह विरोध के सुर

उम्मीदवारों के नाम तय होने से पहले ही कुछ शहरों में विरोध और नाराजगी के स्वर सुनाई देने लगे हैं। कार्यकर्ताओं और दावेदारों की सक्रियता ने पार्टी की चिंता बढ़ाई है। BJP नेतृत्व की कोशिश है कि टिकट वितरण के बाद असंतोष को ज्यादा बढ़ने से रोका जाए और संगठन में एकजुटता कायम रहे।

 BJP नेताओं ने क्या कहा?

BJP महामंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि टिकट को लेकर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी में टकराव जैसी कोई स्थिति नहीं है। वहीं ओंकार सिंह लखावत ने BJP को बड़ा परिवार बताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर उम्मीदवारों का चयन करने में समय लगना स्वाभाविक है।

फिलहाल BJP का पूरा फोकस ऐसे उम्मीदवारों के चयन पर है, जिनके जरिए निकाय चुनाव में पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सके। टिकट वितरण के साथ ही अब यह भी साफ होगा कि किन दावेदारों को संगठन का भरोसा मिलता है और किन चेहरों को चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिलता है।