CEC पर खरगे का बड़ा आरोप, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेगी INDIA गठबंधन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। INDIA गठबंधन ने SIR के मुद्दे पर 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया है।

CEC पर खरगे का बड़ा आरोप, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेगी INDIA गठबंधन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर अपनी मांगों पर आंदोलन जारी रखेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब INDIA गठबंधन ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।

खरगे ने CEC पर लगाए आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके अनुसार ज्ञानेश कुमार भाजपा के पक्ष में रहे हैं और आगे भी रहेंगे। खरगे ने चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर की वापसी की मांग दोहराई।

खरगे ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर ही कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग के कामकाज का बचाव किए जाने पर भी सवाल उठाया।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

30 सितंबर को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने SIR को लेकर संयुक्त रणनीति तय की। बैठक के बाद खरगे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च और प्रदर्शन किए जाएंगे।

इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। गठबंधन के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय मांगेंगे और SIR से जुड़ी अपनी चिंताओं को उनके सामने रखेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में मामलों की जल्द सुनवाई की मांग

INDIA गठबंधन ने SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग भी की है। विपक्षी दलों ने आने वाले समय में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना की भी जानकारी दी है।

गठबंधन की बैठक में चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग भी रखी गई। यह विपक्षी दलों की राजनीतिक मांग है, जबकि मौजूदा चुनाव व्यवस्था में EVM का इस्तेमाल जारी है।

कांग्रेस ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और इसे लेकर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के कथित बयानों का हवाला दिया।

कांग्रेस की ओर से SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े अलग-अलग मतों और आपत्तियों को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और अपने आदेशों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।

SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

SIR मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने पारदर्शिता, मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया और अपील के अधिकार समेत कई मुद्दे उठाए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से कई मीडिया संस्थानों ने बताया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से संबंधित कुछ फैसलों और आदेशों पर पिछले महीनों में आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि संस्थान में अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।