भवानीपुर जीत के रणनीतिकार चंद्रनाथ रथ की हत्या में सुपारी किलर्स का शक, फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियां बरामद
Chandranath Rath हत्याकांड की जांच में पश्चिम बंगाल पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। फर्जी नंबर प्लेट, लावारिस बाइक और प्रोफेशनल शूटर्स के इस्तेमाल की आशंका के बीच मामले की जांच तेज हो गई है।
Chandranath Rath हत्याकांड की जांच में पश्चिम बंगाल पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने आशंका जताई है कि इस हत्या को प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें सुपारी किलर्स शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरी वारदात पहले से प्लान की गई थी।
पुलिस ने घटनास्थल से एक संदिग्ध कार बरामद की है, जिससे कथित तौर पर रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। जांच में सामने आया कि कार की नंबर प्लेट फर्जी थी। इतना ही नहीं, वाहन का चेसिस और इंजन नंबर भी मिटाने की कोशिश की गई थी, ताकि पहचान छिपाई जा सके।
हमले में दो बाइकों का इस्तेमाल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हमले में दो मोटरसाइकिलों का भी इस्तेमाल किया गया था। इनमें से एक बाइक घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर एक चाय की दुकान के पास लावारिस हालत में मिली। उस बाइक पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगा हुआ था। दूसरी बाइक की तलाश अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमलावरों ने एडवांस ग्लॉक पिस्टल जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया हो सकता है। फॉरेंसिक टीम हथियारों और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच कर रही है।
एयरफोर्स अफसर से बने राजनीतिक सहयोगी
चंद्रनाथ रथ पहले भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुके थे। वीआरएस लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया और बाद में राजनीति से जुड़ गए। Suvendu Adhikari के तृणमूल कांग्रेस में रहने के समय से ही वे उनके करीबी सहयोगियों में शामिल थे।
साल 2019 में रथ आधिकारिक तौर पर सुवेंदु अधिकारी की टीम का हिस्सा बने, जब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। हालिया विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर चुनावी रणनीति संभालने में भी उनकी अहम भूमिका बताई जा रही है। इसी सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने Mamata Banerjee को करीब 15 हजार वोटों से हराया था।
Saloni Kushwaha 
