गांव के मैदान से राज्य के मंच तक ‘खेलो राजस्थान’, 70 लाख लोगों को जोड़ने की तैयारी; CM भजनलाल आज करेंगे शुभारंभ
राजस्थान में 2 अक्टूबर से खेलो राजस्थान अभियान की शुरुआत होगी। पंचायत से राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं के जरिए खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।
राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार शुक्रवार, 2 अक्टूबर को ‘खेलो राजस्थान’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है। गांधी जयंती के मौके पर आयोजित ‘सपनों की उड़ान- सशक्त युवा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इस पहल के जरिए प्रदेश के करीब 70 लाख लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ा जाए।
‘खेलो राजस्थान’ को केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे गांवों में मौजूद प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बड़े स्तर तक पहुंचाने के अभियान के तौर पर तैयार किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अलग-अलग चरणों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के उन खिलाड़ियों को भी प्रतिस्पर्धी मंच मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अभी तक सीमित संसाधनों के कारण आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होंगी प्रतियोगिताएं
राजस्थान राज्य स्पोर्ट्स काउंसिल के अनुसार अभियान के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। लॉन्चिंग के साथ ही खिलाड़ियों के लिए आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू होगी। प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत और टीम दोनों तरह की स्पर्धाएं रखी जाएंगी।
अभियान में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र और मेडल दिए जाएंगे। इसके अलावा बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर भी जोर रहेगा। चयनित प्रतिभाओं को विशेषज्ञों की निगरानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी खुद को तैयार कर सकें।
12 खेलों में दिखेगा खिलाड़ियों का दम
‘खेलो राजस्थान’ के पहले चरण में 12 खेलों को शामिल किया गया है। इनमें वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, रस्साकशी, तीरंदाजी, कबड्डी, फुटबॉल, जूडो, निशानेबाजी, खो-खो, कुश्ती, बास्केटबॉल और सतोलिया शामिल हैं।
इन खेलों के जरिए अलग-अलग उम्र और वर्ग के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने की योजना है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को प्रतियोगिता का औपचारिक मंच मिलने की उम्मीद है।
11,341 ग्राम पंचायतों से शुरू होगा खेलों का सफर
अभियान का सबसे बड़ा आधार इसका विकेंद्रीकृत आयोजन ढांचा है। प्रतियोगिताओं की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से होगी और इसके बाद खिलाड़ी ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय, जिला और राज्य स्तर तक आगे बढ़ सकेंगे।
प्रदेश की 11,341 ग्राम पंचायतों, 379 ब्लॉकों और 628 शहरी स्थानीय निकायों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है। जिला स्तर पर एक लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में करीब 9,100 खिलाड़ियों के शामिल होने का अनुमान है।
गांव के खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुंचाने पर फोकस
राज्य सरकार की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है। कई बार छोटे शहरों और गांवों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी उचित मंच, प्रतियोगिता और प्रशिक्षण के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। ‘खेलो राजस्थान’ के जरिए ऐसे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे की तैयारी के लिए अवसर देने की योजना है।
राज्य खेल संघों से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा और चयनित खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह पंचायत स्तर पर शुरू होने वाली प्रतियोगिता किसी खिलाड़ी के लिए राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की पहली सीढ़ी बन सकती है।
70 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
‘खेलो राजस्थान’ के जरिए सरकार ने प्रदेश में खेलों के प्रति व्यापक भागीदारी का लक्ष्य रखा है। अभियान में करीब 70 लाख लोगों को जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की तलाश करना नहीं, बल्कि राजस्थान में जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करना भी है।
गांधी जयंती पर अभियान की शुरुआत के साथ राजस्थान में खेलों को लेकर एक बड़ा जन-अभियान शुरू होने जा रहा है। अब दिसंबर से मैदानों में होने वाली प्रतियोगिताओं के जरिए यह पता चलेगा कि गांव और स्थानीय स्तर से निकलने वाली कितनी प्रतिभाएं आगे चलकर राजस्थान का नाम बड़े खेल मंचों पर रोशन करने की दिशा में बढ़ती हैं।

