सुजीत कलकल ने रचा इतिहास, 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता गोल्ड; फाइनल में 10-9 से हराया ताजिकिस्तान का पहलवान

Asian Games 2026 में सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव को 10-9 से हराया।

सुजीत कलकल ने रचा इतिहास, 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता गोल्ड; फाइनल में 10-9 से हराया ताजिकिस्तान का पहलवान

भारत के सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में वह एक समय 2-9 से पीछे थे, लेकिन शानदार वापसी करते हुए अब्दुलमजीद कुदिएव को 10-9 से हराया।

भारत के पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में कमाल कर दिया है। उन्होंने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ खेले गए फाइनल में सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया और 10-9 से जीत हासिल की।

यह भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि सुजीत ने फाइनल से पहले जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल 3-3 से बराबर रहने के बाद सुजीत ने बड़े स्कोरिंग मूव के आधार पर मुकाबला अपने नाम किया था।

फाइनल में 2-9 से पिछड़ गए थे सुजीत

गोल्ड मेडल मुकाबले में सुजीत के सामने ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव थे। मुकाबले में एक समय भारतीय पहलवान 2-9 से पीछे हो गए थे। यहां से उनके लिए वापसी बेहद मुश्किल नजर आ रही थी।

लेकिन सुजीत ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अंक हासिल करते हुए अंतर कम किया और आखिरकार 10-9 की रोमांचक जीत के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। इस शानदार वापसी ने फाइनल को टूर्नामेंट के यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया।

ओलंपिक चैंपियन को हराकर फाइनल में पहुंचे थे

सुजीत की गोल्ड मेडल तक पहुंचने की राह भी बेहद शानदार रही। उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को चुनौती दी।

कियूका ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन सुजीत ने दूसरे पीरियड में वापसी की। मुकाबला 3-3 से बराबर रहा और बड़े स्कोरिंग मूव के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ उन्होंने 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाई।

शुरुआत भी दमदार रही

सुजीत ने एशियन गेम्स के अपने अभियान की शुरुआत अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई के खिलाफ की। उन्होंने यह मुकाबला 13-3 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीता।

इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही को 10-0 से हराया। लगातार दो प्रभावशाली जीत के बाद सुजीत सेमीफाइनल में पहुंचे, जहां उनके सामने ओलंपिक चैंपियन कियूका थे।

65 किग्रा वर्ग में भारत का गौरव

सुजीत का यह गोल्ड भारतीय कुश्ती के लिए भी महत्वपूर्ण है। 65 किग्रा वर्ग में भारत को इससे पहले बजरंग पूनिया और योगेश्वर दत्त जैसे पहलवानों से बड़ी सफलताएं मिल चुकी हैं। सुजीत ने अब इसी वर्ग में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतकर अपना नाम भी भारतीय कुश्ती के बड़े पदक विजेताओं में दर्ज करा लिया है।

सुजीत इससे पहले 2026 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भी 65 किग्रा वर्ग का गोल्ड जीत चुके हैं। अप्रैल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को 8-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था।

एशियन गेम्स में ओलंपिक चैंपियन को हराने से लेकर फाइनल में 2-9 की स्थिति से वापसी कर 10-9 से जीतने तक, सुजीत कलकल का यह अभियान भारतीय कुश्ती के लिए यादगार बन गया है।