Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार पर करें भगवान शिव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजन विधि

Sawan Somwar 2026: आज सावन का पहला सोमवार है। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत की विधि, धार्मिक महत्व, शिव अभिषेक की सही प्रक्रिया और सावन सोमवार के नियम।

Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार पर करें भगवान शिव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजन विधि

Sawan Somwar 2026: भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास की शुरुआत हो चुकी है और आज सावन का पहला सोमवार है। हिंदू धर्म में सावन सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक और पूजा करने से मनचाही इच्छाएं पूरी होती हैं। अविवाहित कन्याओं को योग्य जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है, जबकि विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख और समृद्धि की कामना से यह व्रत रखती हैं।

सावन के पहले सोमवार का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 4:40 बजे से 5:44 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 बजे से 1:10 बजे तक
  • सायंकालीन पूजा मुहूर्त: शाम 7:13 बजे से रात 8:20 बजे तक

सावन सोमवार का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और सावन के सोमवार का व्रत रखा था। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। तभी से सावन सोमवार व्रत की परंपरा चली आ रही है।

मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करने से भगवान शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। अविवाहित युवतियों को योग्य वर और विवाहित महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पहले सावन सोमवार की पूजन विधि

सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो हरे, पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।

घर के मंदिर या शिव मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद कच्चे दूध, गंगाजल, दही, शहद और घी से पंचामृत अभिषेक करें और अंत में पुनः शुद्ध जल चढ़ाएं।

पूजा के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, चंदन, अक्षत, सफेद पुष्प और भस्म अर्पित करें। "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर फल, मेवे या शक्कर का भोग लगाएं।

सावन सोमवार पर रखें इन बातों का ध्यान

  • पूजा के समय मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें।
  • शिवलिंग पर केवल ताजे और साफ बेलपत्र ही अर्पित करें।
  • तामसिक भोजन, क्रोध और कटु वचन से बचें।
  • यदि संभव हो तो दिनभर व्रत रखकर शिव मंत्रों का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।
  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा, भक्ति और सच्चे मन से की गई पूजा को सबसे अधिक फलदायी माना जाता है।