राजस्थान भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: 8 दिन में बदली चुनाव संचालन समिति, 5 नेताओं के संभाग बदले, 5 नए जिलाध्यक्ष भी घोषित
राजस्थान भाजपा ने पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले चुनाव संचालन समिति में बड़ा फेरबदल किया। कई नेताओं की जिम्मेदारियां बदली गईं, 5 नए चेहरे शामिल हुए और 5 नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई।
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। महज आठ दिन पहले घोषित संभागीय चुनाव संचालन समिति में व्यापक फेरबदल करते हुए पार्टी ने नई सूची जारी कर दी है। इस बदलाव के साथ न केवल कई नेताओं की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, बल्कि पांच नए चेहरों को समिति में शामिल किया गया है और पांच नवगठित संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों की भी घोषणा कर दी गई है।
25 जुलाई को भाजपा ने सात संभागों के लिए 21 नेताओं वाली चुनाव संचालन समिति घोषित की थी। हालांकि रविवार को जारी नई सूची में कुल 22 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सबसे चर्चा का विषय यह रहा कि राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी और पूर्व सांसद एवं भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष अहलावत को इस समिति से बाहर कर दिया गया है। हालांकि दोनों नेताओं को संगठन की अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। घनश्याम तिवाड़ी को स्थानीय निकाय चुनाव घोषणा पत्र समिति में जयपुर का दायित्व सौंपा गया है, जबकि संतोष अहलावत को झुंझुनूं से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

नई सूची में भाजपा ने सांसद अलका गुर्जर, पूर्व सांसद राजेन्द्र गहलोत और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता को शामिल कर समिति का विस्तार किया है। पार्टी की ओर से इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि पहले जिन नेताओं को उनके अपने संभागों की जिम्मेदारी दी गई थी, उसे लेकर सवाल उठे थे। ऐसे में अब अधिकांश नेताओं को उनके गृह संभाग से अलग क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है ताकि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे और किसी प्रकार के पक्षपात के आरोप न लगें।
नई सूची में पांच प्रमुख नेताओं के संभाग भी बदले गए हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए लालचंद कटारिया को पहले जयपुर संभाग का दायित्व दिया गया था, लेकिन अब उन्हें अजमेर संभाग भेजा गया है। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को भरतपुर से हटाकर अजमेर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं पूर्व विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित को भरतपुर के स्थान पर जयपुर संभाग का प्रभार दिया गया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को अजमेर से हटाकर भरतपुर संभाग भेजा गया है, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा को अजमेर की बजाय बीकानेर संभाग का दायित्व सौंपा गया है।
इसी के साथ भाजपा ने अपने संगठनात्मक विस्तार को भी आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के पांच नवगठित जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रशासनिक स्तर पर प्रदेश में नए जिलों के गठन के बाद भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया था और पांच नए संगठनात्मक जिले बनाए थे। अब इन जिलों के लिए नेतृत्व तय कर दिया गया है।
पार्टी ने सलूंबर जिले की कमान चंद्रशेखर जोशी, कोटपूतली-बहरोड़ की जिम्मेदारी सुरेश सैनी, ब्यावर का नेतृत्व आशीष सांड, डीग-कुम्हेर का दायित्व सतीश बंसल और जयपुर देहात उत्तर जिले की कमान जितेन्द्र शर्मा को सौंपी है।
पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण और नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के जरिए पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश में जुटी हुई है।

