आदिवासी इलाकों के स्कूलों पर CJP की नजर, आज से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
राजस्थान में CJP ने आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति की पड़ताल के लिए नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन स्कूल भवनों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर मिलान करेगा।
राजस्थान में जर्जर स्कूल भवनों और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। देशभर में चलाए गए ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के बाद पार्टी शुक्रवार, 18 सितंबर से प्रदेश के आदिवासी इलाकों में भी स्कूलों की स्थिति की पड़ताल करेगी।
CJP के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभियान के दौरान आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, भवनों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लिया जाएगा। संगठन यह भी निगरानी करेगा कि स्कूलों के लिए होने वाले सरकारी निवेश का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं।
रांका ने कहा कि कई आदिवासी क्षेत्रों में बच्चे आज भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए राजस्थान के झालावाड़ में 25 जुलाई 2025 को स्कूल की छत गिरने से सात आदिवासी बच्चों की मौत की घटना का भी उल्लेख किया।
CJP का दावा है कि आदिवासी इलाकों में अब भी कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर भवनों को बंद किए जाने के बाद बच्चों को टेंट या खुले स्थानों में पढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आ रही है। अभियान के दौरान ऐसे मामलों की मौके पर जाकर पड़ताल की जाएगी।
आदिवासी बच्चों के स्कूलों की हकीकत जांचेगी टीम
CJP नेता दीपक बालियां ने कहा कि संगठन की टीम प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में जाकर स्कूलों और गांवों का दौरा करेगी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों से बातचीत के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज सुविधाएं वास्तव में स्कूलों में मौजूद हैं या नहीं।
बालियां के मुताबिक, आदिवासी बच्चों के सपने और उनके माता-पिता की अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीदें दूसरे बच्चों से अलग नहीं हैं। इसलिए संगठन सरकार से आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान शिक्षा और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करेगा।
सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत का होगा मिलान
अभियान में स्कूल भवन, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। संगठन का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज सुविधाओं और मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं के बीच यदि अंतर मिलता है तो उसे सार्वजनिक रूप से उठाया जाएगा।
CJP ने यह भी कहा है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन किया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री से मांगी अच्छे स्कूलों की सूची, नहीं मिली
आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जुड़े एक मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि CJP ने प्रदेश के ऐसे अच्छे स्कूलों की सूची मांगी थी, जहां विद्यार्थियों को बेहतर खेल और दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं, ताकि संगठन की टीम वहां जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर सके।
रांका के अनुसार, अब तक उन्हें स्कूलों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री इस मामले में संगठन से संवाद करने को तैयार नहीं हैं।
देशभर में 15 हजार से ज्यादा स्कूलों की ऑडिट का दावा
रांका ने बताया कि 15 अगस्त से देशभर में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया गया था। उनके अनुसार, अभियान के तहत अब तक 15 हजार से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है। इसमें CJP के वॉलंटियर्स, अभिभावकों और अन्य लोगों ने स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया।
रांका का दावा है कि अभियान के बाद कई राज्यों में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर सरकारों ने कार्रवाई शुरू की है। राजस्थान में भी 500 से ज्यादा स्कूलों की ऑडिट किए जाने की बात उन्होंने कही। उनके अनुसार, अभियान में उठाए गए मुद्दों के बाद राजस्थान सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों को दुरुस्त करने के लिए अगले तीन वर्षों के लिए 12,500 करोड़ रुपये का रोडमैप जारी किया है।
‘आशीर्वाद के दीए’ जलाने का भी ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक स्कूलों और कॉलेजों में ‘आशीर्वाद के दीए’ जलाने के कार्यक्रम का भी CJP ने ऐलान किया है। रांका ने कहा कि संगठन भी इस कार्यक्रम में शामिल होगा। आने वाले दिनों में जिन स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा, वहां भी दीए जलाने की बात उन्होंने कही।

