राजस्थान में फिर बरसे बादल, 22 जिलों में अलर्ट; दक्षिणी हिस्से में 8 इंच तक बारिश
राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर फिर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने आज 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में भारी बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ी है।
राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम करवट ले सकता है।
बीते 24 घंटे में दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ इलाकों में बारिश ने जोरदार असर दिखाया। इन क्षेत्रों में कई जगह करीब 8 इंच तक पानी बरसा। लगातार हुई तेज बारिश के कारण स्थानीय जलस्रोतों और बांधों में पानी की आवक बढ़ी है और कुछ बांधों के ओवरफ्लो होने की स्थिति बनी।
17 सितंबर की शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर
मौसम में यह बदलाव 17 सितंबर की शाम करीब 6 बजे के बाद दिखाई दिया। इसके बाद दक्षिणी राजस्थान में बारिश का सिलसिला तेज हुआ और 18 सितंबर सुबह करीब 11 बजे तक कई इलाकों में बरसात जारी रही। डूंगरपुर और बांसवाड़ा के साथ प्रतापगढ़ क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला।
दक्षिणी राजस्थान में हुई इस बारिश से जहां जलस्रोतों में पानी बढ़ा, वहीं कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
दो दिन की बारिश से 6 डिग्री तक गिरा तापमान
प्रदेश में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर दिन के तापमान पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में करीब 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे गर्मी और उमस से राहत मिली है।
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में आज भी बारिश का दौर अलग-अलग स्थानों पर जारी रह सकता है। भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बीकानेर के कोलायत में भी बरसे बादल
दक्षिणी राजस्थान के साथ पश्चिमी हिस्से में भी मौसम का असर देखने को मिला। बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई। इससे साफ है कि बारिश का असर केवल पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान तक सीमित नहीं रहा।
बांधों में बढ़ी पानी की आवक
डूंगरपुर और बांसवाड़ा में हुई भारी बारिश का असर बांधों और नदी-नालों पर भी दिखाई दिया। तेज बारिश के चलते जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी और कुछ बांधों के ओवरफ्लो होने की स्थिति बनी। स्थानीय स्तर पर निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान में मानसून की विदाई का समय करीब है, लेकिन उससे पहले बारिश का यह दौर कई जिलों में सक्रिय नजर आ रहा है। अगले कुछ घंटों में मौसम का रुख दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बदलता रह सकता है। ऐसे में बारिश के साथ तापमान में आई गिरावट से प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल बदला हुआ है।

