जयपुर से मेयर प्रत्याशी होंगे सुनिल कोठारी, पूर्व में रह चुके बीजेपी शहर अध्यक्ष

जयपुर नगर निगम मेयर चुनाव के लिए भाजपा ने वार्ड 112 के पार्षद और पूर्व जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष सुनील कोठारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। 150 सदस्यीय सदन में BJP के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 57 और निर्दलीयों के 15 पार्षद हैं।

जयपुर से मेयर प्रत्याशी होंगे सुनिल कोठारी, पूर्व में रह चुके बीजेपी शहर अध्यक्ष

जयपुर नगर निगम में मेयर की कुर्सी के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपना चेहरा तय कर दिया है। वार्ड नंबर 112 से पार्षद चुने गए और जयपुर शहर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील कोठारी को पार्टी ने मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। मेयर उम्मीदवार को लेकर चली बैठकों और पार्षदों से रायशुमारी के बाद कोठारी के नाम पर सहमति बनी। जयपुर के 150 वार्डों में BJP ने 78 सीटें जीतकर अपने दम पर बहुमत हासिल किया है। री-पोलिंग के बाद कांग्रेस का आंकड़ा 57 तक पहुंच गया, जबकि 15 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते हैं। ऐसे में संख्या बल के लिहाज से भाजपा मेयर चुनाव में मजबूत स्थिति में है।

पार्षदों से मांगे गए थे तीन-तीन नाम

मेयर प्रत्याशी तय करने से पहले भाजपा ने अपने पार्षदों की राय भी जानी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्षदों से वरीयता के क्रम में तीन-तीन संभावित नाम लिखवाए गए थे। इसके बाद भाजपा पार्षदों को पुष्कर के एक होटल में रखा गया। प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के बीच सुनील कोठारी को जयपुर बुलाया गया और उनके नामांकन की तैयारी शुरू हुई।

संगठन के पुराने चेहरे हैं सुनील कोठारी

सुनील कोठारी भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। नगर निगम चुनाव में पार्टी ने उन्हें वार्ड 112 से मैदान में उतारा था, जहां उन्होंने जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही उनका नाम मेयर पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल था। मेयर पद के लिए पूर्व डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट, विमल अग्रवाल सहित कई नामों की चर्चा चल रही थी। संगठनात्मक अनुभव, नगर निगम का अनुभव और सामाजिक समीकरणों को प्रत्याशी चयन के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में देखा जा रहा था।

वैश्य चेहरे को लेकर भी थी चर्चा

जयपुर में भाजपा की ओर से वैश्य समाज से मेयर बनाने की संभावना पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा थी। सुनील कोठारी इसी समाज से आते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से उम्मीदवार चुनने की किसी एक वजह को आधिकारिक रूप से निर्णायक नहीं बताया गया है। इसलिए सामाजिक समीकरण, वित्तीय स्थिति या किसी अन्य व्यक्तिगत पहलू को चयन का स्थापित कारण मानने के बजाय संगठनात्मक अनुभव और पार्टी की आंतरिक रायशुमारी को व्यापक चयन प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना अधिक उचित होगा।

कांग्रेस भी मैदान में उतरने की तैयारी में

भाजपा के स्पष्ट बहुमत के बावजूद कांग्रेस मेयर चुनाव का मैदान खाली छोड़ने के मूड में नहीं है। कांग्रेस की तरफ से वार्ड 118 की पार्षद सुनीता मावर और वार्ड 84 के पार्षद भरत मेघवाल के नामों को लेकर तैयारी की खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस पहले ही मेयर पद के लिए प्रत्याशी उतारने की बात कह चुकी है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने यह दावा भी किया है कि कुछ भाजपा पार्षद उनके संपर्क में हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा के पास फिलहाल अपने 78 पार्षदों के साथ 150 सदस्यीय सदन में स्पष्ट बहुमत मौजूद है।

78 का आंकड़ा BJP के लिए सबसे बड़ी ताकत

जयपुर नगर निगम में बहुमत के लिए 76 पार्षदों का समर्थन चाहिए। BJP के पास अपने 78 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीयों के पास 15 सीटें हैं। इस हिसाब से भाजपा संख्या बल में बहुमत के आंकड़े से दो सीट आगे है। इसलिए सुनील कोठारी के नाम पर मुहर लगने के बाद अब जयपुर की राजनीतिक निगाहें मेयर चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया और कांग्रेस की अंतिम रणनीति पर रहेंगी। निकाय चुनाव में भाजपा ने जयपुर का बोर्ड बनाने लायक संख्या हासिल कर ली थी। अब पार्टी ने मेयर के लिए भी अपना चेहरा सामने कर दिया है। पूर्व शहर अध्यक्ष से पार्षद बने सुनील कोठारी अब जयपुर की सबसे बड़ी शहरी राजनीतिक कुर्सी के लिए BJP के उम्मीदवार हैं।