जयपुर में पाली कांग्रेस के पार्षदों का हंगामा, सीपी जोशी ने मिलने से किया इनकार; बोले- प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए

पाली नगर निगम में 29 पार्षद जीतने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी को मेयर चुनाव में सिर्फ 3 वोट मिले। क्रॉस वोटिंग की जांच के बीच जयपुर में पार्षदों ने हंगामा किया।

जयपुर में पाली कांग्रेस के पार्षदों का हंगामा, सीपी जोशी ने मिलने से किया इनकार; बोले- प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए

राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और गुटबाजी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाली नगर निगम में अधिक पार्षद जीतने के बावजूद मेयर पद गंवाने के मामले की जांच के बीच शुक्रवार को जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में हंगामा हो गया। पाली से आए कांग्रेस पार्षदों ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी से मिलने और अपना पक्ष रखने की मांग की, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

पार्षदों का आरोप है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। वहीं, सीपी जोशी ने उन्हें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से मिलने की सलाह देते हुए स्पष्ट कहा कि उनकी कमेटी का काम उनसे मुलाकात करना नहीं है।

सीपी जोशी से मिलने की मांग पर अड़े पार्षद

निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ भीतरघात के आरोपों की जांच के लिए कांग्रेस ने सीपी जोशी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। शुक्रवार को जयपुर में कमेटी की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न शहरी निकायों से जुड़े नेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।

इसी दौरान पाली से आए कांग्रेस पार्षदों ने भी सीपी जोशी से मिलने का समय मांगा। वे पाली में मेयर चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग और पार्टी की हार को लेकर अपनी बात रखना चाहते थे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिक संख्या में जीतने के बावजूद कांग्रेस मेयर नहीं बना पाई और इसके लिए गलत उम्मीदवार को टिकट देने तथा पार्टी के भीतर हुई क्रॉस वोटिंग को जिम्मेदार ठहराया।

जब सीपी जोशी बैठक से बाहर आए तो पार्षदों ने उनसे मुलाकात की मांग दोहराई। हालांकि, जोशी ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष से मिलने के लिए कहा। काफी देर तक पार्षद अपनी मांग पर अड़े रहे, लेकिन जोशी नहीं माने और वहां से रवाना हो गए। उनके जाने के बाद पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए वॉर रूम के बाहर हंगामा किया।

सीपी जोशी बोले- मेरा काम आपसे मिलने का नहीं

पार्षदों को जवाब देते हुए सीपी जोशी ने कहा कि उनकी कमेटी का काम पार्षदों से मुलाकात करना नहीं है। उन्होंने उन्हें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखने की सलाह दी। जोशी के इस रुख से नाराज पार्षदों ने कहा कि उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।

पार्षदों का कहना था कि वे चुनाव में जीतने के बाद भी मेयर पद हासिल नहीं कर पाए। उनका आरोप है कि पाली में टिकट वितरण के दौरान सही उम्मीदवार का चयन नहीं किया गया और पार्टी के भीतर हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया।

29 पार्षद जीतकर भी कांग्रेस उम्मीदवार को मिले सिर्फ 3 वोट

पाली नगर निगम के आंकड़े इस विवाद की अहम वजह हैं। नगर निगम के 65 वार्डों में कांग्रेस के 29 पार्षद जीते थे, जबकि भाजपा के 21 और निर्दलीय 15 पार्षद विजयी हुए थे। इसके बावजूद मेयर चुनाव में कांग्रेस अपनी संख्या के अनुरूप समर्थन हासिल नहीं कर सकी।

कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को मेयर पद का अधिकृत उम्मीदवार बनाया था, जबकि पार्टी की राजबाला हिंगड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। चुनाव में सुमित्रा जैन को केवल 3 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 33 और राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले।

कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार को मिले महज तीन वोटों के बाद पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग और भीतरघात को लेकर सवाल उठे। अब इसी मामले की जांच की जा रही है।

जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है कार्रवाई

सीपी जोशी की अध्यक्षता वाली कमेटी निकाय चुनावों में क्रॉस वोटिंग और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों की जांच कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी संबंधित नेताओं और पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला ले सकती है।

पाली के पार्षदों का जयपुर में हंगामा इस बात को उजागर करता है कि निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष बना हुआ है। अब सबकी नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट और पार्टी

नेतृत्व के अगले कदम पर है।