Jaipur News: गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में होगा विशेष श्रृंगार, 3100 किलो मेहंदी से सजेगा दरबार
जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। करीब 200 साल पुरानी परंपरा के तहत 3100 किलो मेहंदी अर्पित होगी, जबकि 150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान को नौलखा हार पहनाया जाएगा।
गणेश चतुर्थी को लेकर जयपुर में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस बार भी वर्षों पुरानी परंपराओं के अनुसार भगवान गणपति का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी और भगवान गणपति को नौलखा हार पहनाया जाएगा।
गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन के लिए कतार व्यवस्था की है। साथ ही सुरक्षा के लिए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। मंदिर परिसर की निगरानी AI कैमरों के जरिए भी की जाएगी, जिससे भीड़ पर नजर रखने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा भी जुटाया जा सकेगा।
200 साल पुरानी परंपरा, 3100 किलो मेहंदी से होगा श्रृंगार
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर करीब 200 साल पुरानी परंपरा के तहत भगवान गणपति को मेहंदी अर्पित की जाएगी। इसके लिए सोजत और जयपुर से करीब 3100 किलो मेहंदी मंगवाई गई है।
गणेश चतुर्थी के दौरान मेहंदी उत्सव और सिंजारा उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंदिर की इन परंपराओं को देखने और भगवान गणपति के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त जयपुर पहुंचते हैं।
150 साल पुरानी परंपरा के तहत पहनाया जाएगा नौलखा हार
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति का विशेष श्रृंगार करीब 150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार किया जाएगा। महंत परिवार की ओर से करीब तीन महीने में तैयार किया गया नौलखा हार भगवान को पहनाया जाएगा।
इस विशेष हार को तैयार करने में करीब 3 किलो लाख की चपड़ी का इस्तेमाल किया गया है। प्राकृतिक रंगों और फॉयल से फूल तैयार कर हार को सजाया गया है। इसमें सोना, पन्ना, हीरा और रूबी जैसे कीमती रत्न जड़े गए हैं।
नौलखा हार के अलावा भगवान गणपति को रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट, कोलकाता से आई जरदोजी और रत्नजड़ित पोशाक, चांदी की धोती, सोने-चांदी के कड़े, कुंडल और पारंपरिक आयुध धारण कराए जाएंगे।
14 सितंबर को ये रहेगा पूजा और दर्शन का कार्यक्रम
गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को मंदिर में सुबह से रात तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 5 बजे मंगला आरती होगी। इसके बाद दोपहर में विशेष पूजन और 12:15 बजे भोग आरती होगी।
दोपहर 1 से 2 बजे तक भोग के दौरान पट मंगल रहेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे श्रृंगार आरती और शाम 7 बजे संध्या आरती होगी।
14 और 15 सितंबर को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वहीं, 15 सितंबर को भगवान गजानन भव्य शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। शोभायात्रा मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होगी।

