Ajmer News: थाने में जमीन पर बैठे वकील की फोटो वायरल, बार एसोसिएशन ने जताया विरोध; पुलिस ने दी सफाई

अजमेर के गंज थाने में हिरासत के दौरान जूनियर अधिवक्ता समीर जाटव की जमीन पर बैठे फोटो वायरल होने के बाद बार एसोसिएशन ने विरोध जताया। पुलिस ने CCTV के आधार पर सफाई दी और बार अध्यक्ष से खेद जताकर भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होने का आश्वासन दिया।

Ajmer News: थाने में जमीन पर बैठे वकील की फोटो वायरल, बार एसोसिएशन ने जताया विरोध; पुलिस ने दी सफाई

Ajmer News: अजमेर के बाबूगढ़ इलाके में वाहनों के सीट कवर फाड़ने और तोड़फोड़ को लेकर हुआ विवाद गंज थाने तक पहुंच गया। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों से तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनमें एक जूनियर अधिवक्ता समीर जाटव भी शामिल थे। हिरासत के दौरान वकील की ड्रेस में जमीन पर बैठे उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया।

फोटो वायरल होने पर थाने पहुंचे अधिवक्ता

फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा के नेतृत्व में कई अधिवक्ता गंज थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि समीर जाटव को अधिवक्ता की ड्रेस में थाने के अंदर जमीन पर बैठाया गया।

मामले की जानकारी मिलने पर सीओ दरगाह हर्षित शर्मा और सीओ नॉर्थ शिवम जोशी भी थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों और बार पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई।

CCTV में सामने आई अलग तस्वीर

पुलिस ने थाने में लगे CCTV फुटेज की जांच की। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के समय समीर जाटव ने सफेद शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी। बाद में उन्होंने परिचित से काला कोट और कॉलर मंगवाकर थाने में पहना था।

हालांकि, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता को जमीन पर बैठाए जाने के तरीके पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद ड्यूटी ऑफिसर प्रभात कुमार ने बार अध्यक्ष से खेद जताया और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने का आश्वासन दिया।

सीट कवर फाड़ने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को वाहनों के सीट कवर फाड़ने और नुकसान पहुंचाने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ था। एक पक्ष की महिला ने पड़ोसियों पर वाहनों की सीट धारदार हथियार से फाड़ने, मारपीट, धक्का-मुक्की और लज्जाभंग के आरोप लगाए।

वहीं दूसरे पक्ष की महिला ने भी स्कूटर की सीट फाड़ने, वाहन को नुकसान पहुंचाने, मारपीट और लज्जाभंग के आरोप लगाते हुए शिकायत दी। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पुलिस ने परस्पर मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने दी सफाई

सीओ दरगाह हर्षित शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के विवाद में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से एक के अधिवक्ता होने की जानकारी ड्यूटी ऑफिसर को नहीं थी। उन्होंने बताया कि मामले में बार एसोसिएशन अध्यक्ष से खेद जताया गया है।

वहीं, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेंद्र ओझा ने कहा कि जूनियर अधिवक्ता के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह उचित नहीं था। पुलिस अधिकारी की ओर से खेद जताने और आगे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।