राज्यसभा की लिस्ट से मोदी कैबिनेट में हलचल! हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं, क्या जल्द होगा बड़ा फेरबदल?
UP Rajya Sabha Election 2026 में बीजेपी ने 8 नए उम्मीदवारों को टिकट दिया है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम सूची में नहीं है। इसके बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं।
बीजेपी की ओर से उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चा फिर तेज हो गई है। पार्टी ने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, लेकिन इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
यही वजह है कि अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों नेताओं की मंत्री पद से भी विदाई हो सकती है? हालांकि, फिलहाल सरकार या बीजेपी की ओर से कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को टिकट क्यों नहीं?
हरदीप सिंह पुरी लंबे समय से राज्यसभा के सदस्य हैं। उन्हें पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। इसके बाद नवंबर 2020 में वह दोबारा निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे।
केंद्र सरकार में हरदीप पुरी को पहले राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली और बाद में 2024 में उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सौंपा गया। अब राज्यसभा के लिए उनका नाम बीजेपी की नई सूची में नहीं होने से उनके भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। उन्हें भी यूपी से राज्यसभा का टिकट नहीं मिला है।
मंत्री पद बचाने के लिए संसद सदस्य होना जरूरी
केंद्रीय मंत्री के पद पर बने रहने के लिए किसी नेता का संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना जरूरी होता है। ऐसे में अगर किसी मंत्री का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो जाए और उसे दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाए, साथ ही वह लोकसभा का सदस्य भी न हो, तो मंत्री पद पर बने रहने का रास्ता मुश्किल हो जाता है।
इसी नियम के कारण हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को लेकर कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। हालांकि, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और बीजेपी नेतृत्व को करना है।
पहले बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के मामले से बढ़ी थी चर्चा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चा नई नहीं है। इससे पहले जून में रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस्तीफा देने के घटनाक्रम ने भी ऐसी अटकलों को हवा दी थी।
अब यूपी की राज्यसभा सूची में दो और केंद्रीय मंत्रियों के नाम नहीं होने से माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या सिर्फ दो मंत्रियों पर ही असर पड़ेगा?
संभावित फेरबदल की चर्चा सिर्फ हरदीप पुरी और बीएल वर्मा तक सीमित नहीं है। मोदी सरकार के दो ऐसे मंत्री भी चर्चा में हैं, जिन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई है।
पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी की कमान सौंपी गई है, जबकि हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है। बीजेपी में 'एक व्यक्ति, एक पद' की परंपरा को देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या दोनों नेताओं से केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है।
हालांकि, इस संबंध में भी अभी तक बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक फैसला या बयान सामने नहीं आया है।
अब नजर अगले कदम पर
राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा ने मोदी कैबिनेट में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है, लेकिन फिलहाल किसी मंत्री की विदाई या कैबिनेट विस्तार को आधिकारिक तौर पर तय नहीं माना जा सकता।
यानी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। राज्यसभा की सूची ने संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन असली फैसला बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले कदम से ही सामने आएगा।

