गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य का बयान, बोले- ‘सनातन अपना लें फिर...’
जयपुर के बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गरबा-डांडिया में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर बयान दिया है। जानें उन्होंने क्या कहा।
जयपुर के हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने नवरात्रि के दौरान होने वाले डांडिया और गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सनातनी परंपरा के इन आयोजनों में शामिल होने के इच्छुक लोगों को पहले सनातन धर्म अपनाना चाहिए।
गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर क्या बोले बालमुकुंद आचार्य?
जयपुर में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों में गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर बहस के बीच हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य का बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा कि डांडिया और गरबा केवल मनोरंजन के आयोजन नहीं, बल्कि देवी मां की आराधना और स्वागत से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम हैं। विधायक के मुताबिक, जो लोग इन आयोजनों में शामिल होना चाहते हैं और सनातन परंपरा में आस्था रखते हैं, उन्हें सनातन धर्म अपनाना चाहिए।
‘इतनी दिलचस्पी है तो सनातन धर्म अपना लें’
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि नवरात्रि में होने वाले डांडिया और गरबा आयोजन देवी मां की आराधना का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें देवी मां का नाम लेने में दिक्कत है, उन्हें ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।
विधायक ने कहा कि अगर किसी को सनातनी परंपरा के इस उत्सव में इतनी दिलचस्पी है, तो वह सनातन धर्म अपना सकता है और इसके बाद आयोजन में शामिल हो सकता है।
एंट्री गेट पर तिलक और कलावा लगाने की बात
बालमुकुंद आचार्य ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति सनातन धर्म अपनाए बिना गरबा या डांडिया में शामिल होना चाहता है, तो प्रवेश से पहले उससे देवी मां का जयकारा लगवाया जाए।
उन्होंने एंट्री गेट पर कलावा बांधने और माथे पर तिलक लगाने जैसी व्यवस्थाओं की बात भी कही। उनका कहना था कि धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की आस्था और आयोजकों के नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
दूसरे धर्मों के लोगों की मंशा पर विधायक ने उठाए सवाल
विधायक ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कुछ दूसरे धर्मों के लोग गरबा और डांडिया आयोजनों में गलत मंशा से शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को प्रवेश नहीं देने के फैसले को उचित बताया।
हालांकि, किसी व्यक्ति के आयोजन में शामिल होने के पीछे क्या मंशा है, यह अलग-अलग मामले में जांच और तथ्य के आधार पर ही तय किया जा सकता है। विधायक का यह बयान फिलहाल इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बना है।
गरबा आयोजनों में पहले भी उठा है एंट्री का मुद्दा
गरबा और डांडिया आयोजनों में गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर बालमुकुंद आचार्य पहले भी बयान दे चुके हैं। सितंबर 2025 में भी उन्होंने कहा था कि गरबा महोत्सव में गैर-सनातनियों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। उस समय उन्होंने आयोजनों में नियमों के पालन और प्रवेश को लेकर भी अपनी बात रखी थी।
बालमुकुंद आचार्य जयपुर की हवामहल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं और धार्मिक तथा सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान पहले भी चर्चा में रहे हैं।
बयान के बाद फिर चर्चा में गरबा एंट्री का मुद्दा
नवरात्रि के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रवेश के नियमों को लेकर बहस होती रही है। जयपुर में बालमुकुंद आचार्य के ताजा बयान के बाद गैर-हिंदुओं की भागीदारी और धार्मिक आयोजनों में प्रवेश के नियमों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।

