यमुना जल परियोजना को मिली बड़ी रफ्तार, DPR के लिए जरूरी स्वीकृतियां जारी; शेखावाटी को मिलेगा पानी

शेखावाटी तक यमुना का पानी पहुंचाने वाली परियोजना आगे बढ़ रही है। DPR के लिए हाइड्रोलॉजी व अंतरराज्यीय स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, जबकि धनोटी जलाशय की निविदा जारी हो गई है।

यमुना जल परियोजना को मिली बड़ी रफ्तार, DPR के लिए जरूरी स्वीकृतियां जारी; शेखावाटी को मिलेगा पानी

शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना अब महत्वपूर्ण प्रक्रियागत चरणों में आगे बढ़ रही है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के लिए जरूरी हाइड्रोलॉजी एवं अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी हो गई हैं। इसके साथ ही प्रस्तावित जलाशयों से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय के जरिए परियोजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य शेखावाटी क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाना है। इसके जरिए घरेलू और कृषि सहित विभिन्न जरूरतों के लिए जल उपलब्ध कराने की योजना है।

दिल्ली में हुई DPR की विस्तृत समीक्षा

यमुना जल परियोजना की DPR को आगे बढ़ाने के लिए 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जल आयोग में विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं और आवश्यक प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। अब DPR के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परियोजना के कंसल्टेंट नेबकॉन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए DPR अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय मिली स्वीकृतियां 

किसी बड़ी अंतरराज्यीय जल परियोजना में तकनीकी अध्ययन और राज्यों के बीच जरूरी अनुमतियां महत्वपूर्ण होती हैं। राज्य सरकार के अनुसार यमुना जल परियोजना की DPR के लिए आवश्यक हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं। इसके बाद परियोजना की DPR को अंतिम अनुमोदन की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

हासियावास में प्रस्तावित होंगे तीन जलाशय

परियोजना के तहत चूरू जिले के हासियावास में तीन जलाशय प्रस्तावित हैं। इनमें से धनोटी जलाशय को लेकर प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़ चुकी है। धनोटी जलाशय की निविदा जारी कर दी गई है और इसकी तकनीकी निविदा 27 अगस्त को खोली जाएगी। इससे परियोजना के जमीनी बुनियादी ढांचे को तैयार करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया का रास्ता खुलेगा।

SPV गठन की प्रक्रिया भी होगी तेज

मुख्यमंत्री ने परियोजना से संबंधित MOA (Memorandum of Agreement) के अनुसार SPV के गठन का प्रस्ताव भी जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। SPV यानी Special Purpose Vehicle परियोजना के क्रियान्वयन और संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राज्य सरकार का फोकस अब तकनीकी स्वीकृतियों के साथ संस्थागत ढांचे से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाने पर है।

शेखावाटी के लिए क्यों महत्वपूर्ण यमुना जल परियोजना?

राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र लंबे समय से पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे में यमुना का पानी क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना को सरकार शेखावाटी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देख रही है। परियोजना के पूरा होने पर उपलब्ध पानी का इस्तेमाल घरेलू, कृषि और अन्य आवश्यकताओं के लिए किए जाने की योजना है। इसका सीधा संबंध क्षेत्र में दीर्घकालिक जल उपलब्धता से है। यही वजह है कि परियोजना को केवल एक जल आपूर्ति योजना नहीं, बल्कि शेखावाटी के भविष्य से जुड़ी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

अब नजर DPR के अनुमोदन और धनोटी जलाशय पर

यमुना जल परियोजना में फिलहाल दो प्रक्रियाएं खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ DPR के लिए आवश्यक हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां मिलने के बाद DPR के अनुमोदन को आगे बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ धनोटी जलाशय की निविदा प्रक्रिया जमीनी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री की नियमित मॉनिटरिंग और केंद्र तथा हरियाणा सरकार के साथ समन्वय के बीच अब नजर इस बात पर रहेगी कि DPR अनुमोदन, SPV गठन और जलाशयों से जुड़ी आगे की प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं। अगर निर्धारित प्रक्रियाएं समय पर आगे बढ़ती हैं तो यमुना जल परियोजना शेखावाटी में दीर्घकालिक जल उपलब्धता की दिशा में राजस्थान की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है।