दिल्ली-NCR में बारिश का कहर, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम; यूपी-MP समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति है। IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम और कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट।
दिल्ली-NCR में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन आसमान से आफत बरस रही है। सुबह से कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एम्स फ्लाईओवर, कनॉट प्लेस, ITO, आरके पुरम और आसपास के क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति सामने आई है। कुछ जगहों पर पानी कई फीट तक भरने से सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। लगातार बारिश के कारण ट्रैफिक की रफ्तार भी काफी धीमी हो गई है।
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए खराब मौसम को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
NH-48 पर लंबा ट्रैफिक जाम, एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाले NH-48 पर बारिश का सीधा असर दिखाई दिया। महिपालपुर के पास जलभराव और धीमी यातायात गति के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। दिल्ली से गुरुग्राम और गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सोमवार को खराब मौसम और परिचालन संबंधी दिक्कतों के बीच करीब 390 उड़ानों में देरी, 15 उड़ानों के डायवर्जन और 26 उड़ानों के रद्द होने की जानकारी सामने आई थी।
यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए घर से जल्दी निकलने की सलाह दी गई है।
गुरुग्राम में स्कूल और सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम
बारिश का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम के कई हिस्सों में देखने को मिला। शहर के कुछ इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भरने के बाद प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों और स्कूलों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की।
सोमवार को जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी हुई थी। कई स्कूल बसें घंटों तक पानी में फंसी रहीं। कुछ बसों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में तीन से छह घंटे तक का समय लगा।
बारिश और जलभराव को देखते हुए अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
यूपी में भी भारी बारिश, 4 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। अयोध्या समेत करीब 15 शहरों में बारिश दर्ज की जा रही है। वाराणसी में सोमवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार तक जारी रहा। खराब मौसम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए वहां स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में सड़कें जलमग्न हैं। मथुरा में भी बारिश के बाद सड़क और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है।
बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का जोर
मध्य प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भारी बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। विदिशा में बाजार के इलाकों में पानी भरने से दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 28.75 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 27 अगस्त तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, उत्तराखंड और केरल समेत 15 राज्यों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम का यह सिस्टम कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लोगों के लिए क्या सलाह?
भारी बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर वाहन ले जाने से बचना चाहिए। दिल्ली-NCR में यात्रा करने वाले लोगों को ट्रैफिक अपडेट और मौसम की स्थिति जांचने के बाद ही घर से निकलना बेहतर रहेगा।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति पहले से जांचनी चाहिए, जबकि स्कूलों और कार्यालयों के संबंध में स्थानीय प्रशासन की ताजा एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।

