ईरान की समुद्री घेराबंदी के बीच अमेरिका का बड़ा एक्शन, 68 जहाजों का बदला रास्ता; 2 पर चढ़कर जांच

अमेरिका-ईरान के बीच समुद्री तनाव बढ़ गया है। CENTCOM के मुताबिक अमेरिकी बलों ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी के दौरान 68 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला, तीन जहाज निष्क्रिय किए और दो पर बोर्डिंग की।

ईरान की समुद्री घेराबंदी के बीच अमेरिका का बड़ा एक्शन, 68 जहाजों का बदला रास्ता; 2 पर चढ़कर जांच

ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के खिलाफ जारी समुद्री नाकेबंदी के दौरान अमेरिकी बलों ने 68 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया है। इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य जहाजों पर सवार होकर उनकी जांच की गई।

समुद्री रास्तों पर अमेरिका की कड़ी निगरानी

CENTCOM के ताजा अपडेट के अनुसार अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर कड़ी नजर रख रहे हैं। नाकेबंदी लागू करने की कार्रवाई के तहत कई व्यावसायिक जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए कहा गया है।

अमेरिकी कार्रवाई का असर क्षेत्र में समुद्री आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही हाल के दिनों में काफी कम हुई है। रॉयटर्स के अनुसार 21 अगस्त को इस रास्ते से सिर्फ सात कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि इससे पहले भी ट्रैफिक में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

दो जहाजों पर हुई बोर्डिंग

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि नाकेबंदी का पालन सुनिश्चित करने के लिए दो जहाजों पर बोर्डिंग की गई। इसके साथ ही तीन अन्य जहाजों को निष्क्रिय करने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में इन जहाजों के नाम और बोर्डिंग की पूरी परिस्थितियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

होरमुज पर बढ़ता दबाव

होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा का वैश्विक समुद्री व्यापार होता है। मौजूदा तनाव के कारण इस रूट पर शिपिंग कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ गया है और जहाजों की आवाजाही में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

अमेरिकी नाकेबंदी और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच फारस की खाड़ी में कई जहाजों के लंबे समय तक रुके रहने की भी रिपोर्ट सामने आई है। इससे समुद्री परिवहन, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर चिंता बढ़ी है।

अमेरिका-ईरान तनाव का अगला मोड़ क्या?

समुद्री क्षेत्र में लगातार बढ़ती गतिविधियों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। होरमुज में जहाजों की आवाजाही घटने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दबाव बना हुआ है।

अब निगाह इस बात पर है कि अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी को आगे किस तरह लागू करता है और ईरान की ओर से इसका क्या जवाब आता है। आने वाले दिनों में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर किसी भी नए घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।