EWS आरक्षण पर रविंद्र सिंह भाटी का आंदोलन तेज, बीकानेर में शक्ति प्रदर्शन; बोले- अब तलवार नहीं, संख्या दिखाने का समय
EWS आरक्षण के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की यात्रा बीकानेर पहुंची। भाटी ने जयपुर से दिल्ली तक शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS आरक्षण के नियमों में बदलाव और विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की यात्रा अब बीकानेर पहुंच गई है। सोमवार शाम शहर में उनके काफिले का कई जगह स्वागत हुआ। जूनागढ़ के सामने आयोजित सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटे। यहां भाटी ने EWS के मुद्दे को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि अब अपनी मांग लोकतांत्रिक तरीके से ताकत और संख्या के जरिए सरकार तक पहुंचाने का समय है।
भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या समाज की नहीं, बल्कि उन आर्थिक रूप से कमजोर अनारक्षित लोगों की है जिन्हें अपने अधिकारों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह किसी चुनाव से जुड़ा अभियान नहीं है और न ही वे वोट मांगने निकले हैं, बल्कि EWS नियमों को सरल बनाने के लिए वैचारिक आंदोलन चला रहे हैं।
'तलवारों का समय गया, अब सिर गिनाने का समय'
बीकानेर की सभा में भाटी ने कहा कि एक दौर था जब तलवारों से संघर्ष किया जाता था, लेकिन अब लोकतंत्र में अपनी ताकत संख्या के जरिए दिखाई जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब जयपुर से दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने और शक्ति प्रदर्शन का समय आए, तो बड़ी संख्या में भागीदारी हो।
भाटी ने यह भी कहा कि आंदोलन को किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस मुहिम से जुड़े लोगों का आभार जताया और धर्मेंद्र सिंह राठौड़ के प्रयासों की भी सराहना की।

जयपुर से दिल्ली तक शक्ति प्रदर्शन का ऐलान
भाटी ने कहा कि आने वाले समय में EWS से जुड़ी मांगों को लेकर जयपुर से दिल्ली तक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। बीकानेर से भी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की अपील की गई। सभा के दौरान समर्थकों ने भाटी के समर्थन में नारे लगाए।
भाटी के मुताबिक, आंदोलन का उद्देश्य EWS से जुड़े नियमों को ज्यादा व्यावहारिक और सरल बनाना है, ताकि पात्र लोगों को आरक्षण का लाभ लेने में अनावश्यक दिक्कत न हो।
EWS नियमों में किन बदलावों की मांग?
EWS आरक्षण को लेकर भाटी की प्रमुख मांगों में संपत्ति संबंधी पात्रता शर्तों की समीक्षा शामिल है। मांग है कि कृषि भूमि और मकान से जुड़े मौजूदा मानकों को व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार केवल संपत्ति संबंधी शर्तों के कारण लाभ से बाहर न हों।
आंदोलन में केंद्र और राज्य के EWS नियमों में एकरूपता की मांग भी उठाई गई है। भाटी पक्ष का कहना है कि राजस्थान की राज्य स्तरीय भर्तियों में EWS पात्रता को लेकर संपत्ति संबंधी शर्तों में बदलाव किया गया है और अब केंद्र की नौकरियों व संस्थानों में भी समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
इसके अलावा EWS प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, विवाहित बेटियों की आय की गणना से जुड़ी प्रक्रिया को सरल करने और EWS अभ्यर्थियों को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह भर्ती परीक्षाओं में उम्र व फीस में छूट देने की मांग की गई है।

