धनतेरस पर वोटिंग टलेगी? 3605 पंचायतों की तारीख बदलने की तैयारी, चुनाव आयोग ने दिए संकेत

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में 6 नवंबर को होने वाले 3605 ग्राम पंचायतों के मतदान की तारीख बदल सकती है। धनतेरस को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा विचार।

धनतेरस पर वोटिंग टलेगी? 3605 पंचायतों की तारीख बदलने की तैयारी, चुनाव आयोग ने दिए संकेत

राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम में एक बार फिर बदलाव की संभावना बन गई है। वजह है **धनतेरस**। 6 नवंबर को प्रदेश की 3605 ग्राम पंचायतों में सरपंच और पंच के चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन इसी दिन धनतेरस का त्योहार होने के कारण अब मतदान की तारीख बदलने पर विचार किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके संकेत दिए हैं, हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम बनाते समय धनतेरस को ध्यान में नहीं रखा गया था। उन्होंने कहा कि धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी और शाम को पूजा का महत्व रहता है। अब आम लोगों की प्रतिक्रिया और धार्मिक भावनाओं को देखते हुए आयोग इस पर विचार कर रहा है कि व्यवस्था में किस तरह बदलाव किया जा सकता है।

कैलेंडर बना, लेकिन धनतेरस छूट गया!

राज्य निर्वाचन आयुक्त के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि **क्या 6 नवंबर का मतदान किसी दूसरी तारीख पर शिफ्ट होगा?आयोग की ओर से अभी अंतिम कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि धनतेरस को देखते हुए चुनावी कैलेंडर की समीक्षा हो रही है।

आयोग का कहना है कि धनतेरस सरकारी अवकाश नहीं है और मतदान में बहुत ज्यादा समय भी नहीं लगता। इसके बावजूद त्योहार, खरीदारी और शाम की पूजा को देखते हुए आम लोगों की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।

3605 पंचायतों में होना है तीसरे चरण का मतदान

3 अक्टूबर को जारी कार्यक्रम के मुताबिक पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में होने हैं। पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को मतदान प्रस्तावित है।

तीसरे चरण में 3605 ग्राम पंचायतों में वोटिंग होनी है। इसी तारीख पर धनतेरस पड़ने के कारण अब इस चरण के कार्यक्रम में बदलाव की संभावना बनी है।

पहले भी बदला जा चुका है चुनाव कार्यक्रम

राजस्थान में स्थानीय पर्व और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव कार्यक्रम में बदलाव पहले भी होता रहा है। हाल ही में निकाय चुनाव के दौरान झुंझुनूं जिले की कुछ नगरपालिकाओं के चुनाव चरणों में बदलाव किया गया था। ऐसे में धनतेरस को लेकर भी आयोग के फैसले पर नजर बनी हुई है।

सरपंच का रिजल्ट उसी दिन, पंचायत समिति-जिला परिषद का बाद में

पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान के बाद उसी दिन देर रात तक परिणाम घोषित किए जाने हैं। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अलग कार्यक्रम के तहत होंगे। इनके लिए पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर, दूसरे चरण का 29 अक्टूबर, तीसरे चरण का 4 नवंबर और चौथे चरण का 14 नवंबर प्रस्तावित है। इनके परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव प्रस्तावित है। इसके बाद 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव होना है। कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में मौजूदा जिला प्रमुख और प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होने के कारण वहां इन पदों के चुनाव बाद में होंगे।

दो दिन में दो बार वोटिंग, मतदाताओं के सामने अलग चुनौती

इस बार पंचायतीराज चुनाव में एक दिलचस्प स्थिति भी बन रही है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान के दो दिन बाद पंच और सरपंच के चुनाव होने हैं। यानी कई मतदाताओं को बेहद कम अंतराल में दोबारा मतदान केंद्र तक पहुंचना होगा।

चुनाव प्रक्रिया 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में चलने वाली है। जयपुर जिले में चारों चरणों में चुनाव होंगे, जबकि जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में एक ही चरण में मतदान प्रस्तावित है। झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालोर और उदयपुर में तीन चरणों में चुनाव होंगे।

  अब आयोग के फैसले पर टिकी नजर

धनतेरस पर 3605 पंचायतों में प्रस्तावित मतदान को लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की प्रतिक्रियाओं के बीच अब सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग के अंतिम फैसले पर है। अगर तारीख बदली जाती है तो तीसरे चरण का नया कार्यक्रम जारी करना होगा। फिलहाल आयोग ने सिर्फ संकेत दिए हैं, इसलिए **6 नवंबर को वोटिंग होगी या तारीख बदलेगी, इसका अंतिम फैसला अभी बाकी है।