बारिश का डबल अटैक! MP में 16 जिले अलर्ट, UP में 1 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

देश के कई राज्यों में शनिवार को भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट है। मध्य प्रदेश के 16 जिलों, राजस्थान के 13 जिलों में चेतावनी जारी है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़ व बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण हैं।

बारिश का डबल अटैक! MP में 16 जिले अलर्ट, UP में 1 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मध्य प्रदेश में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं तो उत्तर प्रदेश में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित है। राजस्थान में भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

यानी शनिवार को मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत तक मौसम का मिजाज बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

MP में बारिश ने बढ़ाई टेंशन, 16 जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं।

नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं।

शनिवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

UP में बाढ़ का बढ़ता दायरा, एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा और घाघरा समेत छह प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है।

हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर सड़क मार्ग प्रभावित होने के बाद नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।

उत्तराखंड में बारिश बनी आफत, 107 सड़कें बंद

उत्तराखंड में पिछले पांच दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग ने शनिवार को देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

राज्य में 107 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 43 लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी जा रही है।

बिहार में फिलहाल राहत, लेकिन फिर बढ़ सकती है बारिश

बिहार में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में दोबारा तेजी आने की संभावना जताई है।

पटना में गुरुवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.3 डिग्री अधिक रहा। यानी बारिश कमजोर होने के बावजूद उमस और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

राजस्थान में भी मौसम का बदला मिजाज

राजस्थान में शनिवार को 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 अगस्त से राज्य में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं और अगले चार-पांच दिनों तक अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।इससे पहले गुरुवार को धौलपुर में सबसे ज्यादा 29 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जयपुर में 17 मिमी पानी बरसा।